हल्द्वानी। 43 साल से केंद्र और राज्य के बीच फुटबाल बनी जमरानी बांध परियोजना की मंजूरी की उम्मीदें बढ़ गई हैं। जमरानी बांध स्थल का स्थलीय निरीक्षण और परियोजना पर आ रही लागत की समीक्षा करने की केंद्रीय जलायोग की टीम 23 अप्रैल को यहां आ रही है। टीम दो दिन तक यहां जमरानी बांध से संबंधित सभी पहलुओं का विस्तृत अध्ययन करने के बाद अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजेगी। सिंचाई अधिकारियों के मुताबिक केंद्रीय टीम का यह दौरा जमरानी बांध की मंजूरी को लेकर औपचारिकता मात्र होगा। बांध परियोजना को केंद्रीय परियोजना में शामिल करना लगभग तय है।
सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता एलके शर्मा ने बताया कि जमरानी बांध परियोजना पर उत्तरप्रदेश के साथ सहमति होने के बाद प्रस्ताव केंद्रीय जलायोग को भेजा गया था। केंद्रीय जलायोग की बैठक में जमरानी बांध के विभिन्न पहलुओं पर विचार विमर्श के बाद केंद्रीय टीम का दौरा प्रस्तावित हुआ है। उन्होंने बताया कि टीम में केंद्रीय जलायोग के मुख्य अभियंता सिद्धार्थ, विभिन्न विभागों के तीन निदेशक शामिल हैं। केंद्रीय टीम जमरानी बांध स्थल का निरीक्षण करने के साथ ही जमरानी बांध परियोजना की मौजूदा डीपीआर 2850 करोड़ की भी समीक्षा करेगी। बता दें कि जमरानी बांध की फाइल 43 साल तक केंद्र और राज्य सरकार के बीच झूलती रही। पहली बार 43 साल बाद पहली बार केंद्रीय टीम के प्रस्तावित दौरे से जमरानी बांध परियोजना को मंजूरी मिलने की प्रबल संभावनाएं हैं।