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नगर निगम के बजट में दिखी निकाय चुनाव

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हल्द्वानी। निकाय चुनाव से ठीक पहले हुई नगर निगम की अंतिम बोर्ड बैठक में पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। सदन में गर्मागर्मी के बीच 155 करोड़ का बजट पेश पास किया गया। तीन अन्य प्रस्तावों पर भी में मोहर लग गई।
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सोमवार को नगर निगम सभागार में अपराह्न 3:30 बजे से बोर्ड बैठक शुरू हुई। बजट को लेकर प्रस्ताव पर चर्चा होते ही पार्षदों ने विरोध शुरू कर दिया। पार्षदों बोर्ड फंड के बारे में बताने और 2018-19 के मूल बजट को अनुमानित बजट करने की मांग करने लगे। तहबाजारी शुल्क बढ़ाने के बावजूद इस बजट में उसे कम करने पर हंगामा किया। जिला योजना का पैसा 10 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने की मांग भी की गई।
दूसरे प्रस्ताव स्वच्छता समिति का न्यूनतम वेतन बढ़ाने पर चर्चा हुई तो फिर तकरार शुरू हो गई। बाद में वेतन बढ़ाने का अधिकार मेयर को दे दिया गया। तीसरे प्रस्ताव ट्रंचिंग ग्राउंड की आरएफपी पर भी विचार किया गया। साथ ही 14 वें वित्त की खर्च की गई धनराशि के बारे में भी चर्चा हुई। बोर्ड ने सभी प्रस्ताव को पारित कर दिया। बैठक में मेयर जोगेंद्र रौतेला, नगर आयुक्त चंद्र सिंह मर्तोलिया, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राहुल लसपाल, प्रभारी सहायक नगर आयुक्त विजेंद्र चौहान, कर निरीक्षक भरत त्रिपाठी, पार्षद धीरेंद्र रावत, महेंद्र नागर, फईम जैबा सलमानी, चंपा रंधावा सहित कई पार्षद मौजूद रहे।
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इतना बढ़ाया गया बजट
2017-18 का बजट : 429961803
2018-19 का अनुमानित बजट : 1509482208

कानूनी व्यय एक लाख बढ़ाया
पिछले साल की तुलना में नगर निगम ने कानूनी व्यय इस साल एक लाख रुपये बढ़ा दिया है। पिछले साल कानूनी व्यय तीन लाख रखा गया था। निगम ने कानूनी व्यय में 28 फरवरी तक 207285 लाख रुपये खर्च किए। इस बार अनुमानित कानूनी व्यय चार लाख कर दिया गया है।

मेयर साहब क्यों नहीं आते हो बनभूलपुरा
हल्द्वानी। बनभूलपुरा के पार्षदों ने मेयर जोगेंद्र रौतेला पर कई आरोप लागए। वार्ड नंबर 24 के पार्षद लईक कुरैशी ने ताज चौराहे के पास लाइब्रेरी नहीं बनाने पर आपत्ति दर्ज की। उन्होंने मेयर पर आरोप लगाते हुए कहा कि बनभूलपुरा की उपेक्षा की गई। मेयर से पूछा कि वह बनभूलपुरा में क्यों नहीं आते हैं। शाहजहां बेगम ने बनभूलपुरा में उनके वार्ड में सीवर लाइन नहीं डालने, प्रधानमंत्री आवास नहीं देने सहित कई समस्याओं पर जवाब मांगा। मेयर ने कहा कि सीवर लाइन का काम चरणबद्घ तरीके से चल रहा है। जल्द ही बनभूलपुरा में सीवर लाइन डाली जाएगी।

पार्षदों ने सुनाई लाचारी की दास्तां
पार्षद संघ के अध्यक्ष धीरेंद्र रावत ने कहा कि वह पांच साल में बेवकूफ बन गए। उन्होंने इसके लिए पार्षदों को दोषी ठहराते हुए कहा कि इन पांच सालों में किसी पार्षद ने किसी ने भी बोर्ड के प्रस्ताव और काम में कभी आपत्ति दर्ज नहीं की और मेयर बड़ी चतुरता से अपने काम कराते ले गए। साथ महेंद्र नागर, सुमित, शोभा बिष्ट सहित कई पार्षदों ने कहा कि जनता उनसे नाराज है। उनके वार्डों में कोई काम ही नहीं हुए।

19 करोड़ का हिसाब बैठक के बाद भी नहीं मिला
पार्षद संघ के अध्यक्ष धीरेंद्र रावत ने बोर्ड के फंड के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि बोर्ड के बजट में 19 करोड़ बजट कम दिखाया गया है। बोर्ड फंड कहां खर्च हुआ। इसके बारे में बोर्ड को बताया जाए। इस पर मेयर जोगेंद्र रौतेला ने अकाउंटेंट से बोर्ड फंड के बारे में बताने को कहा। पूरी बोर्ड बैठक होने के बाद भी बजट के बारे में पार्षदों को नहीं बताया गया और बोर्ड बैठक खत्म हो गया।

हल्द्वानी में बुद्धिजीवी पैदा होने दो मेयर साहब
बजट में लाइब्रेरी के लिए बजट नहीं रखने पर पार्षदों ने आपत्ति जताई। पार्षद ने कहा कि लाइब्रेरी में पहले पांच अखबार और कई मैगजीन आती थी। उन्होंने कहा कि मेयर साहब हल्द्वानी में बुद्धिजीवी तो पैदा होने दो। इसके बाद मेयर जोगेंद्र रौतेला में लाइब्रेरी के लिए बजट में 10 लाख रुपये का प्रावधान करने को कहा गया।

हम तो विधानसभा चुनाव में नप गए
पार्षद महेंद्र नागर ने दुकानों का किराया बढ़ाने के बाद भी बजट में इस साल आय पिछले साल से कम करने को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किराए को लेकर कई पार्षद चुनाव में न जाने क्या पाएंगे। इस पर मेयर जोगेंद्र रौतेला ने चुटकी लेते हुए कहा कि वह तो विधानसभा चुनाव में इस मुद्दे पर नप गए।

इन मुद्दों पर हंगामा
बजट की कॉपी उपलब्ध नहीं कराने पर हंगामा
पार्षद संघ के अध्यक्ष धीरेंद्र रावत सहित कई पार्षदों ने बजट की कॉपी उपलब्ध नहीं होने पर हंगामा किया। उन्होंने कहा कि नियमानुसार तीन दिन पहले बजट की कॉपी पार्षदों को उपलब्ध कराई जानी चाहिए। सोमवार सुबह उन्हें बजट की कॉपी उपलब्ध कराई गई है। उन्हें बजट पढ़ने तक का समय नहीं मिला।

मेयर को घेरने के चक्कर में खुद लड़े पार्षद
मेयर जोगेंद्र रौतेला को घेरने के चक्कर में भाजपा-कांग्रेस और निर्दलीय पार्षद आपस में भिड़ गए। नौबत गालियों तक जा पहुंची।

कर्मचारी को लेकर लड़े पार्षद
एक कर्मचारी को लेकर दो पार्षदों में जमकर लड़ाई हुई, बात तु-तु, मैं-मैं तक पहुंच गई। हुआं यू कि पार्षद शाहजहां बेगम ने मेयर से सवाल पूछा कि उनके वार्ड में सफाई कर्मचारी की कमी है। एक कर्मचारी काम करता था। उसे भी हटा कर पार्षद बीना जोशी के वार्ड में लगा दिया। इतना कहना था कि पार्षद बीना जोशी ने इसका विरोध शुरू कर दिया। इससे दोनों में जमकर बहस हुई।

स्वच्छता समिति के कर्मचारियों का वेतन को लेकर भी भिड़े
स्वच्छता समिति के कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने को लेकर भी पार्षद लईक कुरैशी और सुमित कुमार भिड़ गए। सुमित कुमार स्वच्छता समिति के कर्मचारियों का वेतन 6500 करने पर अड़ गए। उधर लईक कुरैशी ने इनका वेतन छह हजार से अधिक करने पर आपत्ति दर्ज की। इसी बात को लेकर दोनों में जमकर बहस हुई। यहां तक मामला गालियों तक पहुंच गया। बाद में स्वच्छता समिति के कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने का अधिकारी मेयर जोगेंद्र रौतेला को दे दिया गया।

वार्ड के काम को लेकर भिड़े दो पार्षद
बोर्ड बैठक में पार्षद महेंद्र नागर ने अपने वार्ड में पांच साल में कोई काम नहीं होने का आरोप लगाया। उन्होंने जैसे ही मेयर से वार्ड के कामों के बारे में पूछा तो पार्षद अब्दुल वफा ने महेंद्र नागर के वार्ड में कराए गए काम को गिनाना शुरू कर दिया। इस पर दोनों पार्षदों के बीच जमकर हंगामा हुआ। 15 मिनट तक दोनों पार्षद आपस में लड़ते रहे।

एक-एक परिवार के छह लोग स्वच्छता समिति में लगा दिए
बोर्ड बैठक में स्वच्छता समिति में सफाई नायकों, सफाई कर्मचारियों और सफाई निरीक्षकों के परिवार के लोगों को लेकर भी पार्षदों ने हंगामा काटा। पार्षदों ने स्वच्छता समिति में सफाई कर्मचारियों को रखने का अधिकार पार्षदों को देने की मांग की। आरोप लगाया कि अधिकारियाें की मिलीभगत से एक-एक परिवार के छह-छह लोगों को स्वच्छता समिति में रखा गया है।
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