हल्द्वानी। गौला रेंज के जंगल से सटे बसंतपुर, मदनपुर समेत कई गांवों में वन्य जीवों की आवाजाही बढ़ रही है। इन गांवों के बाशिंदों ने डीएफओ को ज्ञापन सौंप कर सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की है।
बसंतपुर, मदनपुर, जसपुर खोलिया के दर्जनों ग्रामीण बृहस्पतिवार को हीरानगर स्थित डीएफओ तराई पूर्वी के दफ्तर पहुंचे। यहां उन्होंने डीएफओ नीतिश मणि त्रिपाठी को ज्ञापन सौंप कर कहा कि जंगली इलाकों में पानी सूखने की वजह से वन्य जीव प्यास बुझाने गांवों की ओर रुख कर रहे हैं। पिछले दिनों भी एक गुलदार ने भैंस को मार दिया था। जंगल से सटे गांवों में शाम होते ही ग्रामीण घरों में पैक हो जा रहे हैं। वहीं नीलगाय, बंदरों और जंगली सुअरों ने खेतों की फसल बर्बाद कर दी है। इससे ग्रामीणों के सामने रोजी रोटी का संकट विकट हो गया है। उन्होंने जंगल की तरफ सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की है। चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सुरक्षा दीवार का प्रस्ताव शासन को नहीं भेजा गया तो उग्र आंदोलन होगा।
हाथियों से खेतों को बचाओ डीएफओ साहब
हल्द्वानी। गौला पार के खेड़ा, किशनपुर रैक्वाल समेत छह से ज्यादा गांवों में हाथियों ने आतंक मचाया हुआ है। हाथी करीब 80 बीघा जमीन की फसल नष्ट कर चुके हैं। हाथियों से छुटकारा दिलाने की मांग को लेकर दर्जनों ग्रामीणों ने डीएफओ हल्द्वानी का घेराव किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई उपाय नहीं किया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। बीडीसी सदस्य अर्जुन सिंह बिष्ट के नेतृत्व में गौला पार के पांच-छह दर्जन ग्रामीण तिकोनिया स्थित डीएफओ हल्द्वानी के दफ्तर पहुंचे। यहां उन्होंने डीएफओ डॉ. चंद्रशेखर सनवाल का घेराव करते हुए कहा कि गौला पार में कृषि ही ग्रामीणों की आय का मुख्य जरिया है। नंधौर के जंगल से सटा होने की वजह से रात होते ही हाथी खेतों में पहुंच जाते हैं किसान रात रात भर जागकर पहरेदारी करते हैं लेकिन हाथी के आगे एक नहीं चलती है। उन्होंने हाथी के आतंक से निजात को हाथी दीवार बनाने, खाई खोदने की मांग की। डीएफओ ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। ज्ञापन देने वालों में अनीता तिवारी, महेश तिवारी, दीपा देवी, गुड्डू जोशी, सौरभ, बलवंत मेहरा, लकी, एम सुयाल, शेखर, राजेश शर्मा, नीरज रैक्वाल आदि मौजूद थे।