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पब्लिक स्कूल संचालक अपने क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल को लें गोद

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हल्द्वानी। यदि डीएम दीपेंद्र चौधरी की अपील रंग लाई तो सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदल सकती है। डीएम ने पब्लिक स्कूल संचालकों से अपने-अपने क्षेत्र के किसी एक सरकारी स्कूल को गोद लेकर वहां पढ़ रहे बच्चों की पढ़ाई की बेहतर व्यवस्था करने में योगदान देने को कहा है।
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शिविर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों की बैठक में डीएम ने कहा कि स्कूल भवन की मरम्मत, चहारदीवारी का रंगरोगन, शौचालय निर्माण, पेयजल की व्यवस्था के साथ ही वहां अध्ययनरत बच्चों को अपनी सुविधानुसार स्कूल ड्रेस, ट्रैक सूट, स्कूल बैग, स्वेटर, जूते, मोजे दिए जाएं। इससे गरीब बच्चों का शिक्षा के प्रति लगाव बढ़ेेगा और हम सबको विशेष आत्मसंतुष्टि भी होगी। डीएम ने कहा कि हल्द्वानी शहर और ग्रामीण क्षेत्र में 56 पब्लिक स्कूल संचालित है। अगर हर पब्लिक स्कूल एक सरकारी विद्यालय अंगीकृत करता है तो हल्द्वानी के 56 विद्यालयों के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यालयों को ओएनजीसी द्वारा अंगीकृत किए जाने की कार्यवाही चल रही है। विभिन्न बैंकों, समाज सेवी संस्थाओं का भी कार्य में सहयोग लिया जाएगा। बैठक में पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के महासचिव कैलाश भगत, इंस्पिरेशन स्कूल के दीपक ब्यलूटिया, निर्मला कान्वेंट स्कूल की सिस्टर जोएसी, दीक्षांत स्कूल के समित टिक्कू, ओरम स्कूल के मणिपुष्पक जोशी, यूनिवर्सल कान्वेंट के सुनील जोशी, क्वींस स्कूल के एमसी डालाकोटी, विक्रम कार्की, सिंथिया स्कूल के अश्वनी सारस्वत आदि मौजूद रहे।

खंड शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा को निर्देश दिए गए हैं कि दो दिन के भीतर नजदीक के विद्यालय की सूची पब्लिक स्कूल एसोसिएशन को उपलब्ध कराएं ताकि विद्यालय को अंगीकृत करने का काम शुरू हो सके।
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दीपेंद्र चौधरी, डीएम
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