द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। पहाड़ की स्वास्थ्य सेवाओं का हाल ये है कि यहां सांप के काटे का इलाज भी मुहैया नहीं है। बानगी देखिये, गवाड़ गांव में बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे एक महिला को सांप ने डंस लिया। उसे यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया लेकिन एंटी वेनम न होने के कारण इस अस्पताल से उसे रानीखेत रेफर कर दिया गया।
अब रानीखेत में एंटी वेनम तो था लेकिन आईसीयू की सुविधा नहीं थी तो डॉक्टरों ने महिला को एसटीएच (हल्द्वानी) रेफर कर दिया। और इस तरह एसटीएच पहुंचकर महिला को देर शाम साढ़े आठ बजे उपचार मिल सका।
गवाड़ गांव निवासी मोहन सिंह की पत्नी पार्वती देवी (45) को बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे घर के पास घास काटते वक्त सांप ने डंस लिया। प्रधान हिम्मत सिंह ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। चिकित्सक डॉ. सलीम अंसारी ने प्राथमिक इलाज के बाद पावती देवी को रानीखेत रेफर कर दिया, लेकिन रानीखेत में भी महिला को इलाज नहीं मिला। वहां से डॉक्टरों ने महिला को हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया।
बताया गया है कि महिला देर शाम करीब 8:30 बजे हल्द्वानी अस्पताल पहुंची, जहां उसका इलाज चल रहा है। सुबह 11 बजे की घटना के बाद महिला को करीब साढ़े नौ घंटे के बाद इलाज मिलना पहाड़ की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल रहा है। आए दिन इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन न तो किसी मंत्री, नेता का ध्यान इस तरफ है और न ही प्रशासन ही इस तरफ ध्यान दे रहा है।
अस्पताल में एंटी वेनम उपलब्ध हैं, लेकिन मरीज की स्थिति गंभीर थी। मरीज को आईसीयू में रखने की जरूरत थी, लेकिन अस्पताल में यह सुविधा नहीं है। इस कारण मरीज को रेफर किया गया।
- डॉ. डीएस नेई, अधीक्षक राजकीय अस्पताल, रानीखेत।