हल्द्वानी। जनपद में एक अक्तूबर से खनन शुरू हो गया है। पहले दिन चार निजी नाप भूमि के पट्टों में खनन किया गया। हालांकि अभी कुमाऊं मंडल विकास निगम, वन विकास निगम के पट्टे चालू नहीं हो सके हैं।
शासन के निर्देशानुसार डीएम दीपेंद्र चौधरी ने एक अक्तूबर से जिले में खनन शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसमें निजी नाप भूमि, सरकारी पट्टे, नदियों पर खनन चालू होने की कार्यादेश थे। इसके बाद रविवार को चार निजी नाप भूमि के पट्टों पर खनन शुरू किया गया। उप निदेशक खनन राजपाल लेघा ने बताया कि पट्टों के लिए ई-रवन्ना पहले ही जारी कर दिए थे ताकि सरकारी अवकाश होने पर कोई समस्या न हो। उन्होंने बताया कि रविवार को बेतालघाट में तीन, कालाढूंगी में एक निजी नाप भूमि के पट्टे पर खनन किया गया। वहीं कुमाऊं मंडल, वन विकास निगम ने पट्टों पर खनन कार्य शुरू नहीं कराया है।
दबाव में आए वन विभाग ने जारी किया कार्यादेश
हल्द्वानी। जिला प्रशासन के दबाव में आए वन विभाग ने 30 सितंबर की देर शाम गौला में एक अक्तूबर से उप खनिज निकासी के आदेश जारी कर दिए हैं। डीएम दीपेंद्र चौधरी ने 29 सितंबर को एक अक्तूबर से जिले में खनन के आदेश जारी किए थे। इनमें सभी स्रोतों, पट्टों, नदियों के लिए खनन की अनुमति दी गई थी। वहीं गौला आरक्षित वन क्षेत्र में आती है इसलिए इसका कार्यादेश डीएफओ की ओर से जारी होता है। 30 सितंबर की शाम तक वन विभाग ने गौला में खनन के लिए कोई भी आदेश जारी नहीं किए थे। सूत्रों की मानें तो इस बाबत प्रशासन, वन अफसरों में वार्ता हुई। इसके बाद शासन की सख्ती को देखते हुए वन विभाग दबाव में आया और 30 सितंबर की रात को खनन के आदेश जारी कर दिए हैं। जिसके बाद अब गौला भी एक अक्तूबर से 31 मई तक खनन के लिए खोल दी गई है। गौला में 11 गेटों से करीब 7500 वाहनों, एक गेट घोड़े, बुग्गियों से खनन होता है। गौला में हर साल 54.25 लाख घनमीटर उपखनिज की निकासी होती है।