हल्द्वानी। उत्तराखंड राज्य सहकारी दुग्ध संघ भी अब कैंप कार्यालय के नाम पर देहरादून जाने की तैयारी में है। इसके लिए बाकायदा बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया। अब इस प्रस्ताव को लेकर सहकारी दुग्ध संघ के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक में भी ठनने के आसार हैं।
कैंप कार्यालय के नाम पर देहरादून में जमे रहने की यह कोशिश नई नहीं है। सहकारिता से ही संबंधित कुछ दूसरी संस्थाएं भी यह कोशिश करती रही हैं। विरोध होने पर इनकी कोशिश परवान नहीं चढ़ पाई। अब राज्य सहकारी दुग्ध संघ भी इसी कोशिश में है। सूत्रों के मुताबिक संघ के ही देहरादून में रह रहे कुछ अधिकारी इसके लिए पैरवी कर रहे हैं। दूसरी तरफ दुग्ध संघ की माली हालत को देखते हुए ही संघ के कुछ अधिकारी इसका विरोध भी कर रहे हैं। दुग्ध संघ ने वित्तीय वर्ष 2016-17 में 10 लाख का लाभ कमाया था। हालात यह भी हैं कि प्रदेश में तीन-चार दुग्ध संघों को छोड़कर अन्य सभी दुग्ध संघ घाटे में हैं। ऐसे में देहरादून कैंप कार्यालय खोलने में लाखों रुपये खर्च होंगे।
सूत्रों की मानें तो देहरादून रहने वाले और हल्द्वानी स्थानांतरित होकर आए कुछ अधिकारी शिविर कार्यालय खोलने की पैरवी कर रहे हैं। इनकी पैरवी के चलते करीब 15 दिन पहले हुई बोर्ड बैठक में शिविर कार्यालय देहरादून स्थापित करने के लिए बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया।
- बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित, प्रबंध निदेशक सहमत नहीं
- कैंप कार्यालय खुलने से होंगे लाखों खर्च
- यूसीडीएफ वित्तीय वर्ष में मात्र 10 लाख के लाभ में
अधिकारियों और अध्यक्ष के अलग-अलग बोल
बोर्ड बैठक में देहरादून में कैंप कार्यालय खोलने का प्रस्ताव पारित हुआ था। यह कार्यालय गढ़वाल को देखते हुए खोला जा रहा है। कैंप कार्यालय खुलने से गढ़वाल मंडल की दुग्ध समितियों को घाटे से उबारने में मदद मिलेगी। - राजवीर सिंह, अध्यक्ष यूसीडीएफ
बोर्ड में ऐसे किसी प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हुई है। यूसीडीएफ की हालत खराब है। ऐसे में यूसीडीएफ का कैंप कार्यालय देहरादून में खोलने का कोई औचित्य नहीं है। हो सकता है कि उन्हें बिना जानकारी में रखे गए बोर्ड बैठक की प्रोसेडिंग में यह प्रस्ताव शामिल किया गया होगा। ऐसा हुआ होगा तो वह इसमें हस्ताक्षर नहीं करेंगे। - आनंद स्वरूप, प्रबंध निदेशक यूसीडीएफ
बोर्ड में यूसीडीएफ का कैंप कार्यालय खोलने का प्रस्ताव आया था। बोर्ड की प्रोसेडिंग तैयार की जा रही है। इसमें अध्यक्ष और एमडी के हस्ताक्षर होने बाकी हैं। - पीसी शर्मा, सामान्य प्रबंधक यूसीडीएफ