पांच मकसद पूरी करेगी एक ‘पंच वाटिका’
हल्द्वानी।
पर्यावरण, वातावरण, जैव विविधता, भूमि और औषधीय पौधों के संरक्षण के मकसद से वन विभाग एक पंच वाटिका तैयार कर रहा है।
तराई वन प्रभाग के बैल पड़ाव क्षेत्र पांच-छह बीघा निष्क्रिय वन भूमि में पंचवटी वाटिका तैयार की जा रही है। वाटिका में बरगद, पीपल, बेल, आंवला, अशोक आदि के पौधे रोपित किये जा रहे हैं। ये सभी पेड़ पौराणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ वातावरण व पर्यावरण संरक्षण में इनकी अहम भागीदारी होती है। इस वाटिका की विशेषता यह है कि हर पौधे के अलग-अलग वृत्त बनाए जाएंगे। जो कि पारिस्थितिकी तंत्र की तर्ज पर होगा।
इस वाटिका के बीच में तुलसी, गुलमोहर समेत कई सुगंधित और औषधीय गुणों के पौधों को भी रोपा जाएगा। वाटिका का मकसद वन विभाग की निष्क्रिय भूमि का उपयोग व संरक्षण भी है। फिलहाल वाटिका बनाने का काम शुरू हो गया है। वाटिका में ले आउट व डिजाइन के अनुसार आकार दिया जा रहा है।
बारिश शुरू होते ही पौधे रोपने का काम किया जाएगा। पांच-छह माह में वाटिका तैयार हो जाएगी। इतना ही नहीं इस वाटिका में आने जाने वाले पर्यटकों को पौधों का महत्व भी बताया जाएगा। ताकि वे भी जागरूक होकर पर्यावरण संरक्षण व संवर्द्धन में भागीदारी निभा सके।
बैलपड़ाव के निकट पंच वाटिका तैयार करने का काम शुरू हो गया है। बारिश शुरू होते ही पौधे रोपने का भी काम किया जाएगा।
- ललित कुमार, रेंज आफिसर, रामनगर
पेड़ लाभ
बरगद छायादार
पीपल 24 घंटे आक्सीजन देता है
बेल फलदार व बेल पत्र का महादेव की पूजा में इस्तेमाल होता है
आंवला औषधीय फल
अशोक पौराणिक मान्यता के अनुसार दुख हर लेता है।