हल्द्वानी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जिले में प्रतिमाह छह बेकसूरों की जान सड़क हादसे में जा रही है। जिला पुलिस के अनुसार इस साल जनवरी, फरवरी और मार्च में 18 लोगों की मौत हो गई और 15 लोग घायल हो चुके है। वहीं, 2018 में इसी अवधि में 11 लोगों की जान गई। इसके साथ ही 10 लोग घायल हो गए थे। वर्ष 2017 में 17 लोगों की जान गई। अप्रैल में ही अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है। इसी महीने में रामपुर पर एक साथ तीन जान चली गई। गड़प्पू चौकी क्षेत्र में चार पहिया वाहन की टक्कर से एक युवती की मौत हो गई और उसका भाई घायल है। इसी प्रकार चोरगलिया क्षेत्र में एक बच्चे की मौत हुई है।
तीन महीने में 18 ने गंवाई जान
सीपीयू भी पड़ी ढीली, चालान की संख्या बढ़ाने तक सीमित रहती है जांच
हल्द्वानी। तेज रफ्तार के चलते शहर में बैंककर्मी सहित दो लोगों की मौत हो गई। दोनों घटनाएं तेज रफ्तार के चलते हुई है लेकिन पुलिस अधिकारियों ने रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए कोई योजना नही बनाई है। लोगों का आरोप है कि सीपीयू भी अब ढीली पड़ गई है। पुलिस का लक्ष्य सिर्फ चालानों की संख्या बढ़ाने तक सीमित रह गया है।
रामपुर रोड पर 16 अप्रैल की रात तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से तीन लोगों की जान चली गई। इस दुर्घटना में घायल देहरादून के युवक अनुज का अभी इलाज चल रहा है। 13 अप्रैल को इसी प्रकार कैनाल रोड पर तेज रफ्तार कार की टक्कर से बाइक दो टुकड़ों में हो गई। इसी दिन गंगू ढाबे के समीप तेज रफ्तार कार पेड़ से टकरा गई। संयोग ही था कि कोई सामने मौजूद नहीं था। इन वारदातों के बावजूद जिले के पुलिस अधिकारियों ने तेज रफ्तार पर लगाने के लिए कोई ठोस योजना नही बनायी। शहर की स्थिति के अनुसार तेज रफ्तार वाहन शाम से लेकर आठ बजे और 11 बजे से एक बजे तक चलते हैं। जिला पुलिस को रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए यातायात निदेशालय ने इंटरसेप्टर मुहैया कराया लेकिन उस वाहन से कोई काम नहीं लिया जा रहा है। सप्ताह में दो दिन तक चलने के बाद इंटरसेप्टर खड़ी रहती है। रामपुर और नैनीताल रोड पर रात और दिन में दो पहिया और चार पहिया सीमा से दो गुना रफ्तार में चलते हैं। वाहनों के तेज रफ्तार में फर्राटा भरने से लोग डर जाते हैं। इन वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए यातायात और सीपीयू ने कोई ठोस योजना नहीं बनायी है।
हाल में हुई सड़क दुर्घटनाएं
- 16 अप्रैल : गरमपानी बोलेरो ने कार को टक्कर मारी, पांच घायल
- 16 अप्रैल : अनियंत्रित वाहन ने रामपुर रोड चार लोगों को कुचला, तीन की मौत
- 18 अप्रैल : लामाचौड़ में सड़क हादसे में एमआर की मौत
- 18 अप्रैल : पहाड़पानी में पिकप खाई में गिरी, चालक की मौत
- 20 अप्रैल : भुजियाघाट में कार पलटी, दो घायल
-21 अप्रैल: क्रियाशाला के पास स्कूटी सवार ने बैंक कमी को मारी टक्कर, मौत
- 21 अप्रैल : चोरगलिया में कड़ापानी गेट के पास डंपर ने एक बच्चे का रौंदा, मौत
- 21 अप्रैल : रामपुर रोड पर कार ने बाइक सवारों को टक्कर मारी, एक की मौत
एसटीएच में इलाज के दौरान कई घायल तोड़ चुके दम
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में इलाज के दौरान कई घायल दम तोड़ चुके हैं। 18 अप्रैल को एसटीएच में ऊधमसिंह नगर जिले में सड़क हादसे में घायल बलविंदर और बागेश्वर जिले में घायल व्यक्ति की मौत हो गई। गड़प्पू बैरियर के पास ही बाइक सवार भाई-बहन को कार ने 18 अप्रैल को ही टक्कर मार दी थी। इसमें बहन की मुखानी रोड स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान 19 अप्रैल को मौत हो गई थी।
ब्लैक स्पॉट ठीक करने को नहीं मिला बजट
हल्द्वानी। सड़क हादसों को कम करने के तमाम प्रयास करने के दावे हो रहे हैं, पर दुर्घटनाओं में कमी आती नहीं दिख रही है। हाल यह है कि रामपुर रोड पर वाहनों का दबाव बढ़ने पर उसकी चौड़ाई बढ़ाने का प्रस्ताव कई बार बन चुका है, जो फाइलों से आगे नहीं बढ़ा है। रही सही कसर सड़क पर होने वाले अवैध कब्जों ने पूरी कर दी है। वहीं, दुर्घटनाओं की दृष्टि से संवेदनशील ब्लैक स्पॉट को ठीक करने के लिए लोक निर्माण विभाग को बजट तक नहीं मिल सका है।
रामपुर रोड पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ी है। बरेली रोड की हालत खराब होने के कारण भी रामपुर रोड पर दबाव बढ़ा है लेकिन रामपुर रोड की चौड़ाई बढ़ाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। केवल फाइलों में ही रामपुर रोड की चौड़ाई बढ़ाने का प्रस्ताव सीमित है। एसटीएच, गांधी स्कूल को जाने वाली सड़क से लेकर देवलचौड़ पर टीपी नगर पुलिस चौकी के बगल तक में सड़क पर कब्जा हो चुका है। इसे देखने की फुर्सत पुलिस, प्रशासन के अधिकारियों को नहीं है। ऐसे में आए दिन हादसे हो रहे हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एचएस रावत के अनुसार ब्लैक स्पॉट को दुरुस्त करने के लिए बजट नहीं मिला है। शासन से बजट की मांग की गई है।
रामपुर रोड की चौड़ाई बढ़ाने का प्रस्ताव फाइलों में, अतिक्रमण ने सड़कों का हाल और खराब किया
इन योजनाओं के पूरा होने का इंतजार
हल्द्वानी। वाहनों का दबाव कम करने के लिए जोर शोर से रिंग रोड बनाने की बात हो रही है। इसके लिए केंद्र से मदद मिलने की बात भी कही गई है लेकिन यह रिंग रोड बनकर तैयार होने की बात दूर है। इसका निर्माण कब से शुरू होगा? इसका सटीक पता अधिकारियों तक को नहीं है। इसी तरह ट्रांसपोर्ट नगर से तीनपानी तक नहर कवरिंग, एसटीएच से वन अनुसंधान कार्यालय तक नहर कवरिंग का प्रस्ताव बन चुका है। यह योजना भी फाइलों में है।
सरकारी अस्पताल में नहीं है न्यूरो सर्जन
हल्द्वानी। कुमाऊं के सबसे बड़े सुशीला तिवारी अस्पताल में न्यूरो सर्जन और कार्डियोलाजिस्ट तक नहीं है। सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में भी पद होने के बाद वर्ष 2012 से हृदय रोग विशेषज्ञ और न्यूरो सर्जन नहीं है। ऐसे सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले मरीजों को निजी अस्पताल ले जाने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचता है।