नैनीताल। यहां मल्लीताल बोट हाउस क्लब में आरकेजी इंडियन 10 रेड दूसरी स्नूकर चैंपियनशिप 15-19 अप्रैल तक आयोजित की गई। द बिलियर्ड एंड स्नूकर फेडरेशन ऑफ इंडिया, देवभूमि बिलियर्ड एंड स्नूकर एसोसिएशन, दिल्ली बिलियर्ड एंड स्नूकर एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता का समापन शुक्रवार को समापन हुआ।
प्रतियोगिता में फाइनल में कोलकाता के सौरभ कोठारी ने हरियाणा के दिव्या शर्मा को 6-4 से हराया। सौरभ को 5.75 लाख रुपये का पुरस्कार मिला। अंतरराष्ट्रीय रेफरी वसीम अहमद और जुनैद अहमद निर्णायक रहे। इससे पहले हुए सेमीफाइनल मुकाबले में सौरभ ने मनन चंद्रा को 5-4 से और दिव्या ने पारस गुप्ता को 5-4 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। मनरीत सिंह भाटिया ने बताया कि प्रतियोगिता में देशभर के 32 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया था। इनमें से 16 प्रतिभागी सीधे राष्ट्रीय स्तर से हुआ जबकि 16 प्रतिभागियों का चयन बंगलूरू, दिल्ली, पंचकूला, हल्द्वानी में हुई प्रतियोगिता के बाद हुआ था। उन्होंने बताया कि रवींद्र कुमार गुप्ता ने पहली बार शूट आउट टूर्नामेंट का आयोजन किया है, जिसके तहत आठ क्वाटर फाइनल तक पहुंचे खिलाड़ियों को 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
सौरभ बने आरकेडी स्नूकर चैंपियन
मल्लीताल बोट हाउस क्लब में आयोजित हुई प्रतियोगिता
मेहनत से ही मिलती है मंजिल
प्रतियोगिता के विजेता और 2016 में अर्जुन अवार्ड विजेता सौरभ कोठारी का कहना था कि उनके पिता मनोज कोठारी भारत के स्नूकर चीफ कोच रहे हैं। उन्हीं से प्रेरणा लेकर वह कई राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जीत चुके हैं। सौरभ बताते हैं कि किसी भी खेल में मेहनत बहुत मायने रखती है। स्नूकर में खिलाड़ी को अनुशासन में रहकर मेहनत करनी पड़ती है। उपविजेता रहे हरियाणा के दिव्या शर्मा का कहना है था कि आत्मविश्वास, लगन से स्नूकर में बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है।
सरकार दे स्नूकर को बढ़ावा
प्रतियोगिता के प्रायोजक रवींद्र कुमार गुप्ता का कहना था कि भारत सरकार को अन्य खेलों की तरह स्नूकर को भी बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने बताया कि आज स्नूकर में भारत के बहुत से खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व कर रहे हैं लेकिन उन्हें सरकार से प्रोत्साहन की जरूरत है। अगर सरकार की ओर से स्नूकर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जाए तो देश में अच्छे खिलाड़ी उभर कर आ सकते हैं।