रामनगर (नैनीताल)। गजराज ने रोडवेज बस का शीशा तोड़ दिया। इस दौरान बस में सवार 35 यात्रियों की सांस अटकी रही। बस के यहां डिपो परिसर में पहुंचने पर यात्रियों को दूसरी बस से देहरादून भेजा गया।
यहां रानीखेत रोड पर स्थानीय ग्राम रिगौड़ा से अल्मोड़ा जिले के ग्राम कुमेरिया तक कई दिनों से टस्कर का आतंक है। इस हाथी ने बृहस्पतिवार सुबह करीब पौने 12 बजे देहरादून जा रही रानीखेत डिपो की यूके-07पीए-2964 को ग्राम कुमेरिया से मोहान के बीच रोक दिया। बस चालक जीत सिंह और परिचालक नवीन चंद्र ने बस में सवार यात्रियों को सतर्क किया। सभी शीशे बंद करवाए। इसी बीच गजराज ने सूंड़ मारकर बस का शीशा तोड़ डाला। उसने चालक की सीट के आसपास खाने का सामान टटोला लेकिन उसे कुछ नहीं मिला। इस दौरान बस में सवार 35 यात्रियों की सांस अटकी रही। कुछ यात्री चीखने, चिल्लाने लगे। हाथी ने सामने से हटकर साइड से तलाशी लेने की कोशिश की। तभी चालक ने बस को दौड़ा दिया, हालांकि हाथी भी कुछ देर बस के पीछे दौड़ा। रानीखेत से ड्यूटी करने आ रहे परिचालक दिनेश चंद्र जोशी ने इसका वीडियो बना लिया। स्टाफ ने रामनगर डिपो पहुंचकर एआरएम मोहन राम आर्य, स्टेशन प्रभारी नवीन आर्य, फोरमैन मो. यामीन को जानकारी दी। शीशा टूटने के कारण यात्री ठंड से कांपने लगे। इस कारण नया शीशा लगाने के लिए बस को काठगोदाम भेजा गया, जबकि यात्रियों को दूसरी बस से देहरादून भेजा गया। स्टेशन प्रभारी ने बताया कि हाथी पहले भी कई वाहनों को क्षति पहुंचा चुका है। ऐसी घटनाएं रोकने के लिए वन विभाग को भी पत्र लिखा जा रहा है।
टस्कर ने तोड़ा रोडवेज बस का शीशा
अटकी रही बस में सवार 35 यात्रियों की सांस