हल्द्वानी। जिला प्रशासन के निर्देश के बाद जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने जिलेभर में उन बड़े प्रतिष्ठानों का चिन्हीकरण शुरू कर दिया है जो एक हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल से अधिक भूमि पर स्थापित हैं और उनमें सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित नहीं हैं।
पिछले साल सरकार ने सभी बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना कराने संबंधी निर्देश जिला प्रशासन को दिए थे। इनमें एक हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल से अधिक भूमि में स्थापित होटल, रिसोर्ट्स, ग्रुप हाउसिंग कॉलोनी, अस्पताल, स्कूल आदि शामिल थे। शासन के निर्देश के बाद कुछ प्रतिष्ठानों में कारोबारियों ने एसटीपी की स्थापना कराई लेकिन अधिकांश होटल, रिजॉर्ट, स्कूल, अस्पतालों में अभी भी एसटीपी नहीं हैं। इस संबंध में हरिद्वार निवासी एक व्यक्ति ने राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) में एक वाद दायर किया। बताया जाता है कि अब प्रदेश सरकार को इस संबंध में एनजीटी में जवाब दाखिल करना है। इस संबंध में शुक्रवार दोपहर बाद शासन के आलाधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेंस कर जिलाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
इसी क्रम में डीएम विनोद कुमार सुमन के निर्देश पर जिला विकास प्राधिकरण ने जिले में ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को चिन्हित करना शुरू कर दिया है। फिलहाल हल्द्वानी, रामनगर क्षेत्र में ऐसे छह होटल, रिजॉर्ट, ग्रुप हाउसिंग कॉलोनियां चिन्हित की गई हैं जो एक हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल से अधिक भूमि में स्थापित हो रहे हैं। डीडीए के सचिव और एडीएम हरवीर सिंह व प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय के संयुक्त सचिव पंकज उपाध्याय ने बताया कि चिन्हीकरण की कार्रवाई शनिवार को भी जारी रहेगी और शनिवार शाम को जिला प्रशासन को रिपोर्ट उपलब्ध करा दी जाएगी।
एसटीपी विहीन बड़े व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का चिन्हीकरण शुरू
पहले दिन हल्द्वानी और रामनगर क्षेत्र में छह प्रतिष्ठान चिन्हित