द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। धरमगांव, भौंरा, डढुली, मायापुरी, गौचर सहित तमाम स्थानों पर पेयजल समस्या को लेकर आमरण अनशन तीसरे दिन में प्रवेश कर गया है, लेकिन अभी तक वहां प्रशासन का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। आंदोलन की उपेक्षा को लेकर आंदोलनकारियों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि महीनों से पानी की किल्लत बनी हुई है, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है। अनशनकारियों के स्वास्थ्य में गिरावट के बावजूद तंत्र की खामोशी से लोग आक्रोशित हैं।
बीटीकेआईटी पेयजल पंपिंग योजना का पुनर्गठन करने की मांग को लेकर राज्य आंदोलनकारी विरेंद्र बजेठा और चंदन नेगी का आमरण अनशन तीसरे दिन में प्रवेश कर गया है। आंदोलनकारियों का कहना है कि पुनर्गठन नहीं होने के कारण योजना से जुड़े धरमगांव, भौंरा, डढुली, मायापुरी, गौचर सहित तमाम गांवों में महीनों से पानी की किल्लत बनी हुई है। जिस कारण ग्रामीणों की दिनचर्या पूरी तरह से प्रभावित होकर रह गई है। समर्थन देने के लिए वहां कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष दिगंबर सिंह, केएल आर्य, पीसी तिवारी, श्याम लाल आर्य, विजय बजेठा, केएस भंडारी, मनोज पांडे, कृपाल अधिकारी, बहादुर सिंह, बबलू मठपाल, नरेंद्र अधिकारी, कुंदन अधिकारी, भूपाल बजेठा, नवनीत बजेठा, महेंद्र सिंह, मनोहर नेगी, प्रताप अधिकारी, प्रेम सिंह, मनोज अधिकारी के अलावा दूर दराज से भी ग्रामीण पहुंचे थे। इधर डॉक्टरों के अनुसार दोनों अनशनकारियों के स्वास्थ्य में गिरावट आने लगी है।