अल्मोड़ा। सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पत्नी को जान से मारने का प्रयास करने वाले पति को अजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 10 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 498(ए) में तीन साल की सजा और पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अर्थदंड की समस्त धनराशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में देने के आदेश भी कोर्ट ने दिए हैं। हत्या के प्रयास में जिले में पहली बार किसी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
पीड़िता कल्पना जोशी का विवाह चार दिसंबर 2008 को धारानौला के पेट्रोल पंप के समीप रहने वाले प्रमीत जोशी पुत्र प्रेम चंद्र जोशी से हुआ। शादी के कुछ माह बाद ही प्रमीत अपनी पत्नी से मारपीट और झगड़ा करने लगा। पीड़िता ने महिला हेल्प लाइन को सूचित किया। नौ जनवरी 2017 को महिला हेल्प लाइन में पति और पत्नी के बीच समझौता हो गया। प्रमीत ने भविष्य में गलत व्यवहार नहीं करने का भरोसा दिलाया। इसके बाद भी प्रमीत अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। कल्पना बुटीक का काम करती थी। कल्पना के अनुसार 19 सितंबर 2017 को दोपहर डेढ़ बजे बच्चे के कमरे में नोटबुक लेने गई तो पति भीतर से दरवाजे में कुंडी लगाकर गला दबाने की कोशिश करने लगा। इसके बाद सेविंग किट से ब्लेड निकालकर जान से मारने की नीयत से कल्पना की गर्दन पर वार कर दिया। पीड़िता किसी तरह दरवाजे की कुंडी खोलकर जान बचाते हुए बाहर भागी। बाद में देवर और सास ने घायल कल्पना को बेस अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल से आने के बाद 21 सितंबर को पीड़िता ने महिला थाने में तहरीर दी।
पुलिस ने पड़ताल के बाद आरोपी प्रमीत के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। मामले का विचारण सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में हुआ। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गिरीश चंद्र फुलारा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) शेखर चंद्र नैलवाल, विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी ने प्रभावी पैरवी की और आठ गवाह परीक्षित कराए। न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों का परिशीलन किया। आरोपी पर धारा 307 और 498ए में आरोप सिद्ध हुआ।