रानीखेत (अल्मोड़ा)। सांसद और विधायकों की संस्तुति के बावजूद मजखाली को अभी तक पृथक ब्लॉक का दर्जा नहीं मिल सका है। इसके चलते क्षेत्रवासियों में आक्रोश है। द्वाराहाट ब्लॉक की दूरी 60 किमी से अधिक होने के कारण क्षेत्रवासी 54 वर्षों से ताड़ीखेत, द्वाराहाट और हवालबाग ब्लॉक की छह न्याय पंचायतों को मिलाकर अलग ब्लॉक की मांग कर रहे हैं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि मजखाली ब्लॉक के लिए पूर्व में किए गए सर्वेक्षण में जनसंख्या 35 हजार से कम निकली, इसके बाद लोगों ने द्वाराहाट ब्लॉक के रियूनी न्याय पंचायत की 9,089, कुंवाली की 6,360, ताड़ीखेत के चौकुनी की 5,210, अल्मियाकांडे की 10 हजार और हवलबाग ब्लॉक के रमणा न्याय पंचायत की साढ़े पांच हजार आबादी को लेकर पृथक ब्लॉक की मांग तेज की।
इन्हें मिलाकर कुल जनसंख्या 36 हजार पार हो गई है। सामाजिक कार्यकर्ता एनएस अधिकारी ने कहा कि पूर्व में राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा और पूर्व में विधायक रहे अजय टम्टा ने भी ब्लॉक की संस्तुति कर दी थी, लेकिन शासन की अनदेखी के चलते ब्लॉक नहीं बन पा रहा है।
इस कारण मजखाली सहित सुदूरवर्ती उरोली, मुसोली, भैंसोली गांवों का विकास नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि अलग ब्लॉक की मांग को लेकर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद भी ब्लॉक नहीं बना तो आगामी लोक सभा चुनाव में जनप्रतिनिधियों को सबक सिखाया जाएगा।
मजखाली क्षेत्र ब्लॉक द्वाराहाट, तहसील रानीखेत और विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर में बंटा हुआ है। इसके चलते लोगों के छोटे कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। ब्लॉक के लिए कई बार आंदोलन भी हो चुके हैं।