हल्द्वानी। रेलवे में सफर करने वाले यात्रियों के लिए चिकित्सकीय इंतजाम के सिर्फ खोखले दावे ही किए जाते हैं। सोमवार को काठगोदाम-लखनऊ एक्सप्रेस में सवार यात्री को भोजीपुरा पर दिल का दौरा पड़ने पर चिकित्सकीय सुविधा तो दूर एंबुलेंस तक नहीं मिली। बाद में उसे निजी वाहन से ले जाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
काठगोदाम से लखनऊ जाने के लिए एक्सप्रेस सुबह 11.30 बजे रवाना हुई। ट्रेन में सवार एक यात्री के मुताबिक बहेड़ी स्टेशन से किसान किशन लाल निवासी सेमीखेड़ा, बहेड़ी अपनी पत्नी हरदेई देवी के साथ सवार हुए। दोपहर करीब 1.55 पर जब ट्रेन भोजीपुरा पहुंची तो बुजुर्ग को दिल का दौरा पड़ गया। इस पर यात्रियों ने आरपीएफ से मदद की गुहार लगाई। आरपीएफ का जवान मौके पर पहुंचा और स्टेशन प्रबंधन से एंबुलेंस का इंतजाम करने की मांग की। आरोप है कि स्टेशन प्रबंधन ने जवान से लिखित में एंबुलेंस मांगने की बात कही। बोगी में मौजूद यात्रियों के अनुसार ट्रेन के ड्राइवर ने भी वॉकी टॉकी से स्टेशन मास्टर से चिकित्सकीय मदद उपलब्ध कराने को कहा लेकिन कोई मदद नहीं मिली। बाद में जब स्टेशन से कोई सुविधा नहीं मिली तो एक यात्री सोहेल निवासी हल्द्वानी डीआरएम इज्जत नगर निखिल पांडे को फोन पर घटना की जानकारी दी। फिर भी सहायता नहीं मिली। इस पर यात्रियों ने किसी तरह बुजुर्ग को भर्ती कराया। बाद में दोपहर 2.20 बजे ट्रेन रवाना हो गई। स्टेशन प्रबंधन के लापरवाह रवैये को लेकर यात्रियों में स्टेशन प्रबंधन को लेकर आक्रोश है। इधर बुजुर्ग के भतीजे बिशन ने बताया कि वह गंभीर हालत में निजी अस्पताल में आईसीयू में भर्ती है।
भोजीपुरा स्टेशन प्रबंधन पर चिकित्सकीय सहायता नहीं देने का आरोप
काठगोदाम लखनऊ एक्सप्रेस में सवार था, यात्रियों ने पहुंचाया अस्पताल
भोजीपुरा में यात्री को दिल का दौरा पड़ने पर स्टेशन अधीक्षक परवेज असद ने 108 एंबुलेंस को बुलाया था। समय से एंबुलेंस नहीं आने पर आरपीएफ जवान आरसी राणा ने निजी वाहन से उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। रेलवे ने यात्री की मदद नहीं की यह आरोप पूरी तरह से निराधार है।
- राजेंद्र सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, डीआरएम कार्यालय इज्जत नगर बरेली