ज्योलीकोट (नैनीताल)। ज्योलीकोट-कर्णप्रयाग एनएच में वीरभट्टी में निर्माणाधीन घाटी पुल पर सोमवार से यातायात का प्रशासनिक दावा धरा रह गया। निर्माण कार्य पूरा न होने के कारण यह मार्ग नहीं खुल सका। दो माह बाद भी पुल न बनने, यातायात सुचारु न होने से लोगों को निराशा हाथ लगी। एनएच के अधिकारी अब 26 नवंबर को मार्ग यातायात बहाली का दावा कर रहे हैं। वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विभाग पर जानबूझ कर विलंब का आरोप लगाते जिम्मेदार अधिकारियों का वेतन रोकने की मांग की है।
घरेलू गैस सिलेंडर से भरे वाहन में सितंबर में हुए हादसे के बाद यह पुल कमजोर हो गया था। तब से इस रूट पर यातायात ठप है। इसकी गुणवत्ता परखकर पुल सुधारते समय 26 अक्तूबर को कुमाऊं की जीवनरेखा की रीढ़ उक्त पुल वीरगति को प्राप्त हो गया था। ब्रिटिश काल में 1916 में बना पुल 101 वर्ष का इतिहास छोड़ गया। तब से पूरे कुमाऊं की यातायात व्यवस्था चरमराई है। रानीबाग से भवाली तक की हजारों की आबादी प्रभावित है। इस मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में रोजगार कर आजीविका चलाने वाले लोग बेरोजगार बैठे हैं। वहीं किसान, नौकरीपेशा सभी लोग प्रभावित हुए हैं। विकल्प में यहां घाटी पुल का निर्माण किया जा रहा है। प्रशासन, एनएच के अधिकारियों ने दावा किया था कि 20 नवंबर तक दिन-रात कार्य करके इस मार्ग पर सोमवार को यातायात सुचारु कर दिया जाएगा, लेकिन समय सीमा बीतने के बाद उक्त सभी दावे धरे रह गए, जिससे लोगों को बेहद निराशा हाथ लगी। पिछले दो माह में पुल का विकल्प तैयार न होने से विभाग की तो किरकिरी हो ही रही है, साथ ही लोगों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनमें रोष व्याप्त है, जबकि अभी घाटी पुल में दोनों हिस्सों में कई पैनल लगने है तो फर्श में प्लेट भी नहीं लग सकी है। उसके बाद दोनों छोर पर वाहन योग्य सड़क का निर्माण कार्य बाकी है। हालांकि विभागीय अधिकारी 20 प्रतिशत कार्य बाकी बता रहे हैं। वहीं पूर्व बीडीसी नवीन पंत, दयाकिशन पोखरिया, शशांक कुमार, उमेश कांडपाल, पुष्कर जोशी, राजेंद्र सिंह सोनू आदि ग्रामीणों ने एडीएम बीएल फिरमाल से मुलाकात कर पुल के निर्माण कार्य में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने एनएच के जिम्मेदार अधिकारियों का वेतन रोकन, उनका तबादला कर हो रहे कार्य की जांच टेक्निकल ऑडिट सेल से करवाने की मांग की है।
अब 26 नवंबर से यातायात बहाली का दावा
वीरभट्टी के पास घाटी पुल बनाकर यातायात सुचारु करने का प्रयास
पुल का 80 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। विषम परिस्थितियों, पुल के दूसरे छोर में मलबा गिरने से कार्य में तीन दिन तक व्यवधान रहा। इस कारण यह कार्य तय समय सीमा में पूरा नहीं हो पाया। अब 26 नवंबर शाम तक पुल को यातायात के लिए सुचारु कर दिया जाएगा। वस्तुस्थिति से डीएम को अवगत करा दिया गया है।
- महेंद्र कुमार
ईई, एनएच खंड, हल्द्वानी।
बलियानाले की कच्ची पहाड़ी बाधक बन सकती है
ज्योलीकोट (नैनीताल)। भले ही एनएच के अधिकारियों ने एक बार फिर 26 नवंबर की समय सीमा तय कर रहे हैं लेकिन पुल के दूसरे छोर में बलिया नाले की कच्ची पहाड़ी जिसे काट कर मोटर मार्ग से मिलाया जाना है, वह इसमें बाधक बन सकता है। पिछले दिनों उक्त पहाड़ी से काफी मात्रा में मलबा पुल के आधार पर आ गिरा था। इससे कार्य प्रभावित हुआ था। आशंका है कि मोटर मार्ग से मिलान के लिए इसे काटा जाता है तो फिर पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा खिसक सकता है। जैसेतैसे इसे सुचारु कर भी दिया जाता है तो भी भविष्य में ये परेशानी का कारण बना रहेगा।
अधिकतर दुकानें बंद होने से कारोबार प्रभावित
ज्योलीकोट (नैनीताल)। ज्योलीकोट रोड में यातायात बंद होने से रानीबाग से ऊपर की ओर सभी दुकानदारों का कारोबार दुष्प्रभावित हुआ है लेकिन वीरभट्टी, गेठिया, खूपी, भूमियाधार के दुकानदार तो बेहद मायूस हैं। केमू की गाड़ियों के रुकने से गुलजार रहने वाला वीरभट्टी स्टेशन सुनसान है। 12 से अधिक दुकानों में अधिकतर दुकानें बंद हैं। जो खुले भी हैं तो वह कैरम, बैडमिंटन, क्रिकेट खेल समय गुजार रहे हैं।