रामनगर (नैनीताल)। तहसील दिवस के प्रति जिम्मेदार अधिकारी बिल्कुल गंभीर नहीं हैं। मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस में ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी नहीं पहुंचे। इस पर डीएम ने दोनों का वेतन रोक दिया। डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी ने कहा कि जनता द्वारा छोटी-छोटी समस्याएं ब्लॉक, तहसील स्तर पर आती हैं, जो अच्छी बात नहीं है। अधिकारी अपने-अपने कार्यालय में नियमित बैठकर समस्याएं सुनकर उनका निराकरण करें। तहसील दिवस में 62 शिकायतें पंजीकृत हुईं, जिनमें से 23 समस्याओं का डीएम द्वारा मौके पर ही निराकरण कर दिया गया।
तहसील दिवस में वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति ने सड़कों पर अवैध रूप से गाड़ियां, ट्रक, ठेले खड़े होने का मुद्दा उठाया। डीएम ने एसडीएम, सीओ, एआरटीओ और अधिशासी अधिकारी की टीम गठित कर वाहनों को शहर से बाहर खड़ा करवाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। लोगों ने रामनगर शहर में दिन प्रतिदिन कुत्तों की बढ़ती संख्या पर भी चिंता व्यक्त की। डीएम ने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को कुत्तों की गणना कर उनका बधियाकरण कराने को कहा। साथ ही कुत्ते घुमाने वालों द्वारा डिग्री कॉलेज, जूहा स्कूल लखनपुर परिसर में गंदगी कराते पाए जाने पर चालान करने के निर्देश दिए। तहसील दिवस में एसडीएम परितोष वर्मा, कार्बेट उपनिदेशक अमित वर्मा, डीएफओ नेहा वर्मा, ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी, विधायक प्रतिनिधि हरीश पंत, बीडीओ सौरभ गहरवार, तहसीलदार प्रियंका रानी मौजूद थे।