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हिंदी के विकास के लिए वृहद आंदोलन की जरूरत

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रानीखेत (अल्मोड़ा)। क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान थापला में हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया। उद्घाटन करते हुए पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. विपिन शाह ने हिंदी का महत्व बताया। इस दौरान कार्यालय के कार्यों का संपादन हिंदी में ही करने पर जोर दिया गया। संस्थान प्रभारी डॉ. ओम प्रकाश ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यशाला का विषय ‘कार्यालयीन कार्यों के विभिन्न रूपों में राजभाषा हिंदी का उपयोग’ था। मुख्य अतिथि डॉ. शाह ने कहा कि हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिलाने के लिए महात्मा गांधी ने पूर्व में जो आंदोलन चलाया था, वर्तमान में भी उसी आंदोलन की जरूरत है। सभी कार्य हिंदी में करने की जरूरत है, तभी इस भाषा को बल मिलेगा। हिंदी को सर्वोच्च स्थान दिलाने के लिए सभी से एकजुट होने की भी अपील की गई। संचालन डॉ. दीपक लोंधे और ममता जोशी ने किया। इस अवसर पर जेसी आर्या, डॉ. रमन कौशिक, रवींद्र सिंह सहित तमाम अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।
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