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यूपी के समय नियुक्त अप्रशिक्षित शिक्षकों को नहीं करना होगा डीएलएड

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हल्द्वानी। प्रदेश के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त प्राथमिक और जूनियर स्कूलों में पढ़ाने वाले अप्रशिक्षित शिक्षकों को राहत मिलने जा रही है। वर्ष 2001 से पहले स्कूलों में नियुक्ति पाए अप्रशिक्षित शिक्षकों के लिए डीएलएड की अनिवार्यता नहीं होगी। हालांकि यह राहत प्राइवेट स्कूलों में कार्यरत अप्रशिक्षित शिक्षकों के लिए नहीं होगी। मानव विकास संसाधन मंत्रालय से इस संबंध में हरी झंडी मिलने के बाद शिक्षा विभाग बहुत जल्द आदेश करने जा रही है।
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यूपी के समय बड़ी संख्या में प्राथमिक और जूनियर स्कूलों में सीधे बीएड, मृतक आश्रित, बीपीएड, सीपीएड, मौलवी उर्दू, एलटी प्रशिक्षितों की नियुक्ति हुई थी। वर्तमान में यूपी के समय नियुक्त अप्रशिक्षित शिक्षक-शिक्षिकाओं की संख्या करीब चार हजार के आसपास बताई जा रही है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देश पर जब शिक्षा विभाग ने अप्रशिक्षित शिक्षकों के लिए डीएलएड प्रशिक्षण करने का आदेश जारी किया तो इन शिक्षक-शिक्षिकाओं में हड़कंप मच गया। इसके बाद ऐसे शिक्षकों को प्रशिक्षण में छूट की मांग भी उठनी शुरू हो गई। जब मानव संसाधन विकास मंत्रालय के समक्ष आपत्तियां पहुंची तो वहां से निस्तारित किया गया। प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लाक अध्यक्ष डीएस पडियार ने बताया कि मामले को लेकर अपर शिक्षा निदेशक से वार्ता की गई है और उन्होंने ऐसे शिक्षकों को छूट देने की बात कहकर संशय की स्थिति को खत्म कर दिया है। इधर शिक्षा निदेशक बेसिक, माध्यमिक आरके कुंवर ने बताया कि वर्ष 1996 में सीधे बीएड के अलावा बीपीएड और अन्य कोर्स करने वालों को तत्कालीन सरकार ने छूट देकर स्कूलों में नियुक्ति दे दी थी लेकिन तीन सितंबर 2001 से पहले स्कूलों में नियुक्ति पाने वालों के लिए डीएलएड की अनिवार्यता नहीं होगी। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देश के बाद इसको लेकर एक दो दिन में आदेश जारी कर दिए जाएंगे। बताया कि यह छूट निजी स्कूलों के शिक्षकों के लिए नहीं होगी।
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