हल्द्वानी। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के निरीक्षण में सातवीं बार फिर फैकल्टी की कमी मिली है। 17 प्रतिशत फैकल्टी कम होने के कारण एमबीबीएस की पांच वर्ष की मान्यता खतरे में पड़ सकती है। फैकल्टी सबसे ज्यादा एनस्थीसिया और जनरल मेडिसिन में कम मिली।
एमसीआई ने पूर्व में निरीक्षण के दौरान फैकल्टी समेत अन्य बिंदुओं पर आपत्ति लगाई थी। राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओर से आपत्ति दूर करने संबंधी रिपोर्ट भेजी गई थी। एमसीआई की टीम बृहस्पतिवार को राजकीय मेडिकल कालेज पहुंची। टीम ने आईसीयू, वार्डों, ब्लड बैंक, पुस्तकालय, टीचिंग कक्ष, रेडियोलाजी विभाग, आपातकालीन विभाग, मेडिकल रिकॉर्ड अनुभाग, आपरेशन थियेटर, लेक्चर थियेटर, पुरूष और महिला छात्र-छात्रावास, संकाय सदस्यों के बैठने के कक्षों आदि का निरीक्षण किया। टीम ने प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, सीनियर रेजीडेंट, जूनियर रेजीडेंट के प्रमाण पत्रों की जांच की। टीम में डॉ. बीसी दत्ता सिलचार मेडिकल कॉलेज, डॉ. राजेश शर्मा एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर और डॉ. विजय किशोर मिश्रा दरभंगा मेडिकल कॉलेज बिहार शामिल थे। निरीक्षण के दौरान प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा और एमएस डॉ. अरुण जोशी मौजूद रहे।
फैकल्टी पूरी नहीं, एमबीबीएस की मान्यता फिर खतरे में
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम ने मान्यता के लिए किया निरीक्षण
पिछले बार फैकल्टी पूरी न होने पर जताई थी आपत्ति, प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और सीनियर रेजीडेंट की है कमी
पांच डॉक्टर थे अवकाश पर
हल्द्वानी। एमसीआई के निरीक्षण के दौरान पांच डॉक्टर अवकाश पर थे। डॉक्टरों के अवकाश पर रहने के कारण फैकल्टी और कम हो गई। एमसीआई सरकारी काम से बाहर जाने या अवकाश पर रहने वाले डॉक्टरों को फैकल्टी में नहीं जोड़ती है। प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने बताया कि डॉ. आरजी नौटियाल देहरादून गए थे जबकि डॉ. हिमांशु सक्सेना समेत तीन अन्य डॉक्टर अवकाश पर थे।
एमसीआई ने कब-कब किया निरीक्षण
06 जुलाई 2015, 18 दिसंबर 2015, 18 मई 2016, 08 मार्च 2017, 26 फरवरी 2018, 19 जून 2018।
किस विभाग में कितनी कमी
प्रोफेसर : बायोकेमिस्ट्री और रेडियोलॉजी विभाग
एसोसिएट प्रोफेसर : फोरेंसिक मेडिसिन (1), त्वचा रोग (01)
असिस्टेंट प्रोफेसर : एनस्थीसिया (03), कम्यूनिटी मेडिसिन (03), जनरल मेडिसिन (03), जनरल सर्जरी (01), जनरल सर्जरी (01), माइक्रोबायोलॉजी (01), स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग (03), फार्माकोलॉजी (01), सायकेट्री (01), रेडियोथैरेपी (01) और टीबी एवं चेस्ट (01)
सीनियर रेजीडेंट की कमी
जनरल मेडिसिन (06), स्किन एवं त्वचा (02), साइकेट्री (02), जनरल सर्जरी (03), स्त्री एवं प्रसूति रोग (02), एनस्थीसिया (05), रेडियोलॉजी (05), ऑर्थोपेडिक (01), पीडियाट्रिक्स (02), टीबी एवं चेस्ट (02), ईएनटी (01)।