हल्द्वानी। जीएसटी में रजिस्ट्रेशन रद्द कराने वालों को जीएसटी आर-10 जमा करना होगा। इस रिटर्न में रजिस्ट्रेशन निरस्त होने तक की अवधि की खरीद और बिक्री का ब्योरा देना होगा। केंद्रीय समिति ने इस बाबत निर्देश जारी कर दिए हैं।
जीएसटी शुरू होने पर रजिस्ट्रेशन कराने वाले कारोबारियों की संख्या में आश्चर्यजनक इजाफा हुआ था। जीएसटी के एक साल पूरे होने के बाद हजारों ऐसे भी कारोबारी थे जिनको रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं थी। बाद में सैकड़ों कारोबारियों ने रजिस्ट्रेशन निरस्त करा दिया। इधर जीएसटी काउंसिल ने ऐसे कारोबारियों के लिए भी निर्देश जारी किए हैं। इन कारोबारियों को रजिस्ट्रेशन रद्द होने तक की तिथि तक का खरीद और बिक्री का ब्योरा देना होगा। इतना ही नहीं कारोबारियों को इस तिथि तक टैक्स भी जमा करना होगा। इस बाबत कारोबारियों को जीएसटी आर-10 जमा करना होगा।
जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद्द कराने वालों को देना होगा जीएसटी आर-10
रजिस्ट्रेशन की अवधि तक देना होगा खरीद बिक्री का ब्योरा
2500 से ज्यादा कारोबारियों ने निरस्त कराया रजिस्ट्रेशन
राज्य कर आंकड़ों पर गौर करें तो हर माह 10 फीसदी कारोबारी जीएसटी रजिस्ट्रेशन निरस्त करा रहे हैं। हल्द्वानी संभाग में 25 हजार से ज्यादा कारोबारी रजिस्टर्ड हैं। अभी तक 2500 से ज्यादा कारोबारी रजिस्ट्रेशन निरस्त करा चुके हैं। इन कारोबारियों को जीएसटी आर-10 जमा करना होगा।
रजिस्ट्रेशन नहीं होने का ये होगा नुकसान
-ऐसा कारोबारी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ नहीं ले सकता है
-टैक्स रिफंड नहीं ले पाएगा।
-रजिस्टर्ड कारोबारी से व्यापार करता है तो टैक्स भी खुद ही देना होगा या उस कारोबारी को भुगतना होगा
जो कारोबारी जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद्द करा चुके हैं उन्हें रजिस्ट्रेशन की अवधि तक का विवरण जीएसटी आर-10 में देना होगा। -पीएस डुंगरियाल, संयुक्त आयुक्त, राज्य कर