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इटली के रसभरे सेब छा गये भीमताल के चांफी में

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भीमताल में सेब की खेती - फोटो : अमर उजाला
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भीमताल (नैनीताल)। चांफी में इटली की आठ प्रजातियों के सेब उगने से सब हैरत में हैं। इंडोडच हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजी के माध्यम से पॉलीहाउस के अंदर गमलों में मात्र 18 महीनों में उगाया गया है। शनिवार को जब नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार फार्म देखने पहुंचे तो वो भी आश्चर्यचकित हो गए। कहा कि विदेश के सबसे महंगे सेब का भीमताल में उगना गर्व की बात है।
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चांफी में स्थित इंडोडच हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर सुधीर चड्ढा के कई एकड़ खेत में फैले पॉलीहाउस में यह प्रयोग किया गया है। इटली के इन सेबों का उत्पादन भीमताल के चांफी में होने से किसान हैरान हैं। पॉलीहाउस में इटली के सेब की आठ प्रजातियों किंग रौट, स्कारलैट, स्पर, गाला सिनोगे, इंडोडच वन, इंडोडच टू, ग्रेनी स्मिथ, फूजी एसटेक का मजा लिया जा सकता है। चड्ढा के मुताबिक इटली के यह सेब दिल्ली की मार्केट में 150 से 200 रुपये किलो बाजार में बेचा जाएगा।
फार्म के डायरेक्टर सुधीर चड्ढा ने बताया कि भारत में न्यूजीलैंड, इटली, चीन, पोलैंड के सेबों का उत्पादन किया जा रहा है। इसमें इटली के सेब का पहला उत्पादन उनका सफल रहा है। सुधीर चड्डा ने बताया वर्ष 2017 में 75 हजार इटली के सेब के पौधे वह किसानों को बांट चुके हैं। अगले वर्ष 10 लाख पौधे किसानों को बाटेंगे।
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साल में दो बार लग सकेंगे अब सेब
पहाड़ के किसान अब साल में दो बार सेब उगा सकेंगे। सेब के पौधे फरवरी से मार्च और जुलाई में लगाए जा सकेंगे।
मैनेजिंग डायरेक्टर सुशांत चड्ढा, प्रोडक्शन मैनेजर संजय तिवारी ने बताया कि फार्म में हिमाचल, कश्मीर, उत्तराखंड के किसानों को ट्रेनिंग दी जाती है, ताकि वह उन्नत खेती की जानकारी ले सकें।
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