हल्द्वानी। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शिखर सांस्कृतिक विकास समिति नंदा देवी अल्मोड़ा की लता कुंजवाल द्वारा लिखित संस्कार गीत ‘शगुन आखर’ सीडी और हेमंत बिष्ट द्वारा लिखित ‘पहाड़ै पीड़’ पुस्तक का विमोचन किया।
यहां नवाबी रोड स्थित एक बारातघर में आयोजित समारोह में उन्होंने कहा कि संस्कार गीत गाने वाली महिलाओं को पेंशन देने की योजना उनकी सरकार ने शुरू की थी लेकिन समय पर इनका चिन्हीकरण नहीं हो पाने के कारण पेंशन योजना शुरू नहीं हो पाई। यह गीत हमारे जनजीवन का हिस्सा हैं, इन्हें संरक्षित और संवर्धित करने की जरूरत है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने कहा कि मांगलिक कार्यों में गाए जाने वाले विलुप्त हो रहे इन गीतों को संरक्षित करने का जो बीड़ा लता कुंजवाल ने उठाया है वह भावी पीढ़ी के लिए लाभदायक होगा। इससे पूर्व समिति की शर्मिष्ठा बिष्ट ने शास्त्रीय रागों पर आधारित होली का गायन किया। कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष सुमित्रा प्रसाद, पूर्व पालिकाध्यक्ष रेनू अधिकारी, पूर्व दर्जा मंत्री रेनू जोशी, विजय मनराल, खजान पांडे, हेमंत बगड्वाल, प्रयाग भट्ट, नीलू नेगी, शशि वर्मा, पुष्पा नेगी, माला वर्मा, रमेश गोस्वामी, विमला सांगुड़ी, पूर्व दर्जा मंत्री तारा दत्त पांडे, जुगल किशोर पेटशाली, डीके पंत, अशोक खुल्वे, हुकुम सिंह कुंवर आदि थे। मंच संचालन राज्य गीत के रचयिता हेमंत बिष्ट ने किया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने किया संस्कार गीत शगुन आखर पुस्तक, सीडी का विमोचन
हेमंत बिष्ट की ‘पहाड़ै पीड़’ पुस्तक का भी किया गया विमोचन
‘कहां उपजन लागो सुहा बेड़ूू ला’
हल्द्वानी। संस्कार गीत शगुन आखर पुस्तक विमोचन से पूर्व लेखिका लता कुंजवाल ने संस्कार गीत ‘कहां उपजन लागो सुहा बेड़ू ला, कहां बरसन लागो सुहाग बेडू ला’, ‘आज मेरे वर जी धनुष उठाय लिया’, ‘पिया-पिया मन रटे पपीहा, पिया के बिन कछु ना सुहाए’, शर्मिष्ठा बिष्ट ने ‘रंग दी सारी गुलाबी चुनरिया’, ‘गोली मारे नजरिया सांवरिया’ मंगल गीत और होली का रसास्वादन कराया।