हल्द्वानी। आईजी पूरन सिंह रावत ने कुमाऊं रेंज के पुलिस अधीक्षकों से महिला अपराध और सड़क हादसों पर लगाम लगाने को कहा है। उन्होंने कहा कि सड़क पर होने वाले हर अपराध को रोकने की जिम्मेदारी पुलिस पर है।
कैंप कार्यालय में बुधवार को हुई अपराध गोष्ठी में आईजी ने कहा कि यातायात समस्या का समाधान करने के लिए ऊधमसिंह नगर को 100, नैनीताल जिले को 80 और पहाड़ के प्रत्येक जिलों को 30-30 पुलिसकर्मी दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हर थाने की पुलिस अपने क्षेत्र में सड़क हादसों को रोकने के लिए मौके का मुआयना कर रणनीति तैयार करेगी। इसके लिए शाम चार से सात बजे तक चेकिंग करना अनिवार्य है। रेंज पुलिस दुर्घटना और चेकिंग की प्रतिदिन की रिपोर्ट लेगी। डंपर या ट्रैक्टर चालक वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टर लगाना होगा। हादसों को हर साल में पुलिस को कम करना होगा। तेज वाहन चलाने वाले, ओवरलोडिंग करने वाले और नशे में गाड़ी चलाने वालों को पकड़ना होगा। सड़क या ढेले पर शराब बेचने और पीने वालों के खिलाफ सख्त कदम पुलिस उठाएगी।
उन्होंने कहा कि ऊधमसिंह नगर में वाहन चोरी, नकबजनी की वारदातें बढ़ी हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए गश्त की संख्या बढ़ानी होगी। बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन का कार्य तेज करना होगा। सीसीटीवी भी पुलिस को चेक करने होंगे। अपराधियों को पकड़ने में सीसीटीवी काफी कारगर होता है। नशे के खिलाफ चलाए गए अभियान में नैनीताल और ऊधमसिंह नगर पुलिस की सराहना की गई। बैठक में एसएसपी जन्मेजय खंडूरी, ऊधमसिंह नगर के एसएसपी सदानंद दाते, अल्मोड़ा की पुलिस अधीक्षक पी रेणुका देवी, चंपावत के एसपी धीरेंद्र गुंज्याल, पिथौरागढ़ के सीओ शेखर चंद्र सुयाल मौजूद थे।