हल्द्वानी। ज्योतिष विज्ञान के हिसाब से हल्द्वानी शहर में 2018 में खास बदलाव होंगे। बृहस्पति शिक्षा और खेलों में शहर को पहचान दिलाएगा। राजनीति में भी कई उतार चढ़ाव आएंगे। मौसम की बेरुखी किसानों को परेशान कर सकती है लेकिन धार्मिक कार्यों से सालभर शहर के लोग आस्था के रंग में डूबे नजर आएंगे। हल्द्वानी की कुंडली कुछ ऐसा ही संकेत दे रही है।
ज्योतिषाचार्य पंडित नवीन चंद्र जोशी और शेखर भट्ट के अनुसार नया साल हल्द्वानी के लिए बहुत कुछ नया ला रहा है। रविवार रात 12 बजते ही नया साल शुरू हो जाएगा। इस समय कन्या लग्न है और मृगशिरा नक्षत्र और वृष राशि है। ग्रहों की दृष्टि से देखें तो लग्न से द्वितीय भाव यानी धनभाव में मंगल और बृहस्पति का योग रहेगा। लग्नेश और दशमेश तृतीय भाव होंगे। चतुर्थ स्थान यानी सुख भाव सूर्य, शुक्र और शनि प्रभावी योग बना रहे हैं। पंचम भाव में मकर राशि में केतु भाग्य स्थान में चंद्रमा उच्च राशि का विशेष फलदायी योग देगा।
भाग्य भाव का स्वामी श्ुाक्र, चतुर्थ स्थान में बैठा है जो राज्य स्थान को देख रहा है। यह युक्ति आय स्थान में राहु आय वृद्धि कारक होगा। अत: राज्य पक्ष की विशेष कृपा रहेगी। इससे क्षेत्र का विकास होगा।
व्यापारी वर्ग
राशी की दृष्टि से हल्द्वानी की कर्क राशी है जो चंद्रमा की राशि है, गोचर में राहु का प्रभाव रहेगा। चांदी, खाद्य, वस्त्र, विद्युत उपकरण, खनन कार्यों, रस युक्त पदार्थों का व्यापार करने वाल व्यापारी परेशान रहेंगे, लेकिन धन लाभ होता रहेगा।
शिक्षा वर्ग
शिक्षा के क्षेत्र में शहर का नाम रोशन रहेगा। देव गुरु बृहस्पति क्षेत्र को शिक्षा और खेल के क्षेत्र में ख्याति दिलवा सकते हैं।
कृषि वर्ग
राहु ग्रह किसान वर्ग को परेशान करेगा। इस वर्ष अन्य वर्षों की अपेक्षा उपज कम होगी। किसानों में तनाव रहेगा।
भूमि
अष्टमेश मंगल धन स्थान पर विराजमान है। मंगल भूमि का कारक होता है। अत: भूमि संबंधी विवाद संभव हैं।
यातायात व्यवस्था : नगर वासियों को इस बार भी जाम के झाम से मुक्ति मिलने की उम्मीद कम ही है। ग्रहों के योग इशारा कर रहे हैं कि नगरवासी इस बार भी यातायात अस्त-व्यस्त रहेगा।
जल विद्युत व्यवस्था : गर्मी में पानी और बिजली की समस्या भी जस की तस बनी रहेगी। गर्मी के मौसम में लोगों को दोनों के लिए ही जूझना पड़ेगा।
राजनीति : तुला राशि के बृहस्पति और धनु राशि के शनि परिवर्तन कारक हैं। उच्च स्तर पर विशेष वर्ग को लाभ मिल सकता है। राहु-शनि का गोचर में होना राजनैतिक दलों में बैर भाव बड़ा सकते हैं। दल-बदल का भी योग बन रहा है। राजनीति में सत्ता के लिए ज्यादा संघर्ष रहेगा।
धार्मिक कार्य : इस वर्ष क्षेत्र में धार्मिक आयोजनों में बढ़ोत्तरी होगी। लोगों में आस्था की भावना बढ़ेगी।