हल्द्वानी। जबरन किडनी निकाले जाने के मामले में प्रदेश की महिला कल्याण और बाल विकास मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी ने शनिवार को थाने में आकर बयान दर्ज कराए। गिरधारी ने कहा कि उनकी पत्नी को प्रत्यारोपित किडनी नरेश गंगवार की सहमति से ली गई थी। साजिश के तहत उन्हें फंसाने की कोशिश चल रही है।
बरेली जिले के जशनपुर शेरगढ़ निवासी नरेश चंद्र गंगवार ने 11 अक्तूबर को नैनीताल के एसएसपी को गिरधारी लाल साहू के खिलाफ प्रार्थनापत्र दिया था। बताया था कि वह गिरधारी लाल के बेलबाबा स्थित संस्थान में नौकरी करता था। गिरधारी की पहली पत्नी बैजयंती माला की तबियत खराब होने पर उसे किडनी की जरूरत पड़ी। गिरधारी लाल के कहने पर वह बैजयंती का इलाज कराने के लिए श्रीलंका की राजधानी कोलंबो स्थित अस्पताल गया। आरोप लगाया कि वहां गिरधारी के कहने पर 27 जून 2015 को उसकी किडनी धोखे से निकाल ली गई। पैसा मांगने पर अब गिरधारी लाल धमकी दे रहे हैं। एसएसपी ने इस मामले में कोतवाल केआर पांडे को जांच करने के निर्देश दिए। पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज नहीं करने पर नरेश चंद्र गंगवार ने अदालत की शरण ली। अदालत ने इस मामले में पुलिस से रिपोर्ट तलब की है लेकिन कोतवाल का कहना है कि उन्हें अदालत से कोई आदेश नहीं मिला है। दबाव पड़ने पर कोतवाल ने मंत्री के पति गिरधारी को बयान दर्ज करने के लिए शनिवार को बुलाया। गिरधारी ने कोतवाल को बताया कि नरेश चंद्र गंगवार ने अपनी किडनी सहमति के आधार पर दी है। इस मामले में श्रीलंका की जूरी ने नरेश से पूछताछ की थी। कुछ लोग साजिश के तहत यह मामला उठा रहे हैं। वह कभी नौकर नहीं रहा है। इस मामले में पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर सकती है। अपने साक्ष्यों के समर्थन में गिरधारी लाल ने शपथ पत्र और दस्तावेज भी सौंपे।