हल्द्वानी। अब अस्पतालों से निकलने वाले सामान्य कूड़े का निस्तारण नगर निगम करेगा। बुधवार को नगर निगम और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की संयुक्त बैठक में इस पर सहमति बनी। यह भी तय हुआ कि रोजाना नगर निगम की दो गाड़ियां अस्पतालों से कूड़ा एकत्र कर ले जाएंगी। जैव चिकित्सीय कूड़े को लेकर निगम ने साफ कर दिया है कि ट्रंचिंग ग्राउंड में फें के जाने वाले सामान्य कचरे में जैव चिकित्सीय कचरा न होना भी अस्पतालों को ही सुनिश्चित करना होगा।
अस्पतालों से निकलने वाले जैव चिकित्सकीय के निस्तारण को लेकर विवाद में फंसे नगर निगम को अब अस्पतालों से निकलने वाले सामान्य कूड़े की याद आई है। बुधवार को मेयर जोगेंद्र रौतेला व आईएमए के चिकित्सकों ने संयुक्त बैठक की। बैठक में चिकित्सकों ने कहा कि अस्पतालों से निकलने वाले सामान्य कूड़े के निस्तारण के लिए नगर निगम को इंतजाम करना चाहिए। अभी तक अस्पताल अपने हिसाब से यह व्यवस्था कर रहे हैं। कुछ के ठेके हैं तो कुछ निगम को ही कूड़ा देते हैं। आइएमए ने ग्रामीण इलाके में अस्पतालों से निकलने वाले सामान्य कूड़े को फेंकने के लिए एक निर्धारित स्थान की मांग भी की। इस पर मेयर जोगेंद्र रौतेला ने कहा कि सभी अस्पताल अपना सामान्य कूड़ा ही ट्रंचिंग ग्राउंड में फेंके । यह अस्पतालों की ही जिम्मेदारी होगी कि सामान्य कूड़े में जैव चिकित्सकीय कचरा नहीं मिल पाए। इस पर चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि नगर निगम की टीम निगम सीमा में कूड़ा उठा सकती है। वैसे भी अब सभी अस्पतालों में जैव चिकित्सकीय कूड़े को कार्यदायी संस्था को देते समय वीडियोग्राफी शुरू करा दी है। नगर निगम की गाड़ियों से कूड़ा उठाने का उपभोग शुल्क भी अस्पताल से निकलने वाले कूड़े की मात्रा के आधार पर तय होगा। बताया गया कि अभी ग्रामीण क्षेत्रों में पड़ने वाले अस्पतालों का कूड़ा एकत्र करने पर फैसला नहीं हो सका है। इस दौरान डॉ. बीसी पंत, डॉ. सुरेश बाबू, डॉ. भूपेंद्र सिंह, डॉ. पुनीत अग्रवाल आदि मौजूद थे।
आइएमए और निगम के बीच हुई बैठक में बनी सहमति
मात्रा के आधार पर तय होगा उपभोग शुल्क, नगर निगम का रुख भी सख्त, कूड़ा छांटने का काम अस्पतालों के जिम्मे