हल्द्वानी। अल्मोड़ा राजकीय संप्रेक्षण गृह से फरार आरोपी को कर्मचारियों ने हल्द्वानी एसडीएम कार्यालय के समीप दुकान से गिरफ्तार कर लिया। कर्मचारियों का कहना है कि आरोपी नाबालिग को अल्मोड़ा पुलिस एक साल से तलाश कर रही थी। अब आरोपी बालिग हो गया है। गिरफ्तारी के बाद कर्मचारी उसे अल्मोड़ा लेकर चले गए।
बागेश्वर जिले के बैसानी कपकोट निवासी सुंदर राम उर्फ विक्की (18) को हत्या के आरोप में अल्मोड़ा जिले के पांडेखोला स्थित राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह में रखा गया था। 27 सितंबर, 2016 की रात करीब तीन बजे कर्मचारियों को चकमा देकर आरोपी भाग निकला था। घटना के बाद तीन कर्मचारियों संजय कुमार (केयर टेकर), नरेंद्र सिंह (पीआरडी जवान), चंदन बिष्ट (होमगार्ड जवान) के खिलाफ अल्मोड़ा कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस और संप्रेक्षण गृह के कर्मचारी हत्यारोपी की तलाश कर रहे थे। बृहस्पतिवार को हल्द्वानी संप्रेक्षण गृह के कर्मचारियों ने आरोपी को एसडीएम कोर्ट के समीप स्नैक्स फास्ट फूड की दुकान में काम करते हुए पहचान लिया। इसके बाद उन्होंने घटना की जानकारी केयर टेकर संजय कुमार को दी। सूचना मिलने पर तीनों कर्मचारी शुक्रवार सुबह आए और दुकान से आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। कर्मचारियों ने सुरक्षा की दृष्टि से उसे कोतवाली थाने में रखा। जिसके बाद बागेश्वर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर संप्रेक्षण गृह अल्मोड़ा भेज दिया।
सत्यापन नहीं कराने पर दुकानदार का हुआ कोर्ट चालान
कोतवाल केआर पांडे ने बताया कि हत्यारोपी की गिरफ्तारी के बाद स्नैक्स फास्ट फूड के दुकानदार बसंत मिश्रा का दस हजार रुपये का कोर्ट चालान किया है। उपनिरीक्षक भगवानगिरी गोस्वामी के अनुसार पूछताछ में पता चला कि हत्यारोपी दुकान में 31 अक्तूबर से काम कर रहा था। कर्मचारी का सत्यापन नहीं मिलने पर दुकानदार का चालान किया गया है। पता चला है कि अल्मोड़ा से फरार होने के बाद आरोपी हल्द्वानी की कई दुकानों में काम कर चुका है।