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जेबें खाली, फिर भी रोपी जाएगी हरियाली

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जेबें खाली, फिर भी रोपी जाएगी हरियाली
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हल्द्वानी।
बेशक सरकार वनीकरण के लिए संजीदा न हो लेकिन वन अधिकारी और कर्मचारी इसके लिए चिंतित है। वन क्षेत्राधिकारी संघ ने कोष नहीं मिलने पर भी हर सूरत में वनीकरण करने का फैसला लिया है ।
सूबे में इस साल बजट नहीं होने पर 13 लाख पौधे नहीं रोपे जाने से पौने छह करोड़ मिट्टी में मिलने की खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। बता दें कि पश्चिमी वन वृत्त के अंतर्गत तराई केंद्रीय, तराई पूवी, तराई पश्चिमी, हल्द्वानी वन डिवीजन में 13 लाख 8 हजार पौधे रोपे जाने हैं। इस बाबत मार्च-अप्रैल में करीब पौने छह करोड़ रुपये से एडवांस स्वायल वर्क किया गया था।
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संभावना जताई जा रही थी कि पौधे रोपने के लिए जुन में बजट मिल जाएगा लेकिन नहीं मिला। वहीं ऑनलाइन भुगतान होने के बाद क्षेत्राधिकारियों ने भी हाथ खड़े कर दिए थे। इधर क्षेत्राधिकारी संघ की मुख्य वन संरक्षक डॉ. राजेंद्र सिंह बिष्ट, वन संरक्षक डॉ. पराग मधुकर धकाते के साथ वार्ता हुई। वार्ता के बाद संघ ने फैसला लिया कि इस साल जैसे-तैसे पौधे रोपने का काम किया जाएगा। जिससे हरित प्रदेश की हरियाली व सरकार के पौने छह करोड़ को बट्टा नहीं लगे।

इस साल संघ ने हर हाल में पौधे रोपने का फैसला किया है जिससे वन और सरकारी धन बर्बाद नहीं हो, लेकिन शासन को जल्द से जल्द बजट जारी करना होगा।
- राम सिंह बिष्ट, प्रदेशाध्यक्ष, वन क्षेत्राधिकारी संघ
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