हल्द्वानी। गाल ब्लैडर के कैंसर से जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही मां ने दुनिया से जाते-जाते भी परिवार का ही ध्यान रखा। मां ने अस्पताल में ही अपनी बेटी की सगाई अपनी आंखों के सामने कराई और मुंह मीठा करने के आधे घंटे बाद दुनिया को अलविदा कह दिया।
नैनीताल निवासी डॉ. भूपाल सिंह भाकुनी की पत्नी चंद्रावती भाकुनी (53) को तीन मार्च को सेंट्रल हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। छह मार्च तक चले इलाज के दौरान डाक्टरों ने कैंसर होने की आशंका जताई। सात मार्च को डॉ. भाकुनी अपनी पत्नी को राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट दिल्ली ले गए। बायोप्सी से पता चला कि चंद्रावती भाकुनी को गॉल ब्लैडर का कैंसर है। कैंसर अंतिम स्टेज का था। 18 मार्च को डॉ. भाकुनी अपनी पत्नी को वापस लेकर आ गए। दोबारा तकलीफ बढ़ने पर उन्हें फिर सेंट्रल हास्पिटल में भर्ती करा दिया।
डॉ. भाकुनी की बेटी नीदरलैंड के मास्टरिच विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.हिमानी भाकुनी भी मां की तबीयत खराब होने के कारण हल्द्वानी आईं। दो दिन पहले हिमानी के साथ ही मास्टरिच विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. लुकस भी चंद्रावती भाकुनी को देखने पहुंचे।
शुक्रवार को चंद्रावती भाकुनी ने परिवार के समक्ष डॉ. लुकस से बेटी की सगाई की इच्छा जताई तो सेंट्रल अस्पताल में दोपहर दो से तीन बजे तक एक घंटे तक सगाई की रस्म हुई। इसके बाद चंद्रावती भाकुनी ने मुंह मीठा किया और दोनों को आशीर्वाद दिया। डॉ. भूपाल सिंह भाकुनी ने बताया कि दोपहर लगभग साढ़े तीन बजे पत्नी चंद्रावती भाकुनी ने सेंट्रल हास्पिटल में अंतिम सांस ली। चंद्रावती भाकुनी अपने पीछे परिवार में पति, बेटी, दामाद और बेटे वरुण प्रताप सिंह भाकुनी को छोड़ गईं हैं। डॉ. भाकुनी ने बताया कि देर शाम चित्रशिला घाट पर चंद्रावती भाकुनी का अंतिम संस्कार किया गया।
बेटी की सगाई आधे घंटे के बाद ही मां ने दुनिया को कहा अलविदा
सेंट्रल हॉस्पिटल में ही रिश्तेदारों की मौजूदगी में कराई बेटी की सगाई