हल्द्वानी। क्लीनिकल इस्टेबलिशमेंट एक्ट को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के स्वत: बंदी के एलान के चलते शुक्रवार को निजी अस्पताल और क्लीनिक बंद रहे। इस कारण दो हजार मरीज बिना इलाज के लौट गए। वहीं, आईएमए ने हल्द्वानी और रुद्रपुर में बैठक कर आगे की रणनीति तय की।
क्लीनिकल इस्टेबलिशमेंट एक्ट का आईएमए विरोध कर रही है। आईएमए पदाधिकारियों का कहना है कि सीईए लागू होने के बाद इलाज तीस प्रतिशत तक महंगा हो जाएगा। आईएमए के आह्वान पर शुक्रवार को 30 से अधिक निजी अस्पताल और क्लीनिक बंद रहे। डॉक्टरों ने सिर्फ पूर्व से अस्पताल में भर्ती मरीजों को ही देखा। निजी अस्पतालों में कोई भी मरीज भर्ती नहीं किया गया। हल्द्वानी और रुद्रपुर में हुई आईएमए की बैठक में कहा गया कि आश्वासन के बाद भी सरकार ने सीईए में संशोधन नहीं किया। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आईएमए की ओर से पूर्व में दिए गए संशोधन को जब तक सरकार सीईए में शामिल नहीं करती है तब तक अस्पतालों को स्वत: बंद रखा जाएगा। इस दौरान डॉ. अनिल अग्रवाल, डॉ. आए केडिया, डॉ. प्रकाश पंत, डॉ. मोहन तिवारी, डॉ. नीलांबर भट्ट, डॉ. अजय पाल, डॉ. संजय जुयाल, डॉ. राहुल सिंह, डॉ. महेश शर्मा, डॉ. भूपेंद्र बिष्ट, डॉ. एसके गुप्ता, डॉ. पुनीत अग्रवाल आदि थे। उधर, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से कैंडल मार्च निकालकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। इससे पहले आईएमए भवन में हुई बैठक में भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।
दो हजार मरीज बिना इलाज के लौटे
निजी अस्पतालों ने स्वत: बंदी के तहत अस्पतालों को बंद रखा
आईएमए पदाधिकारियों ने बैठक कर बनाई रणनीति, सीईए का कर रहे हैं विरोध
30 से अधिक निजी अस्पताल और क्लीनिक हैं शहर में
3500 ये 4000 मरीज प्रतिदिन ओपीडी में देखते हैं डॉक्टर
50 से 100 ऑपरेशन होते हैं प्रतिदिन
एसटीएच पहुंचे 15 सौ से अधिक मरीज
हल्द्वानी। निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की स्वत: बंदी के चलते सुशीला तिवारी अस्पताल, सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल और महिला अस्पताल में मरीजों की कतार लगी रही। यहां सुबह से ही पर्चा बनवाने वालों की लंबी कतार लगी थी। सुशीला तिवारी अस्पताल की ओपीडी में 1650 मरीज पहुंचे, जबकि 460 से अधिक मरीज भर्ती हुए। सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में 1185 मरीज ओपीडी में पहुंचे और 160 मरीज भर्ती किए गए। महिला अस्पताल में आज 529 मरीज पहुंचे। एसटीएच में ओपीडी भी देर शाम तक चली। एसटीएच मेें जांच कराने के लिए मरीजों को इंतजार करना पड़ा। एमआरआई मशीन ठीक होने के कारण देर शाम तक 25 से अधिक एमआरआई हुए। एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि निजी अस्पतालों में स्वत: बंदी के चलते इमरजेंसी में मरीजों की संख्या अधिक बढ़ गई है। दूसरी ओर सीएमओ डॉ. भारती राणा का कहना है कि जिले के सभी डॉक्टरों के अवकाश पर रोक लगा दी गई है।
सीएमओ ने सभी डॉक्टरों के अवकाश पर रोक लगाई