हल्द्वानी। वित्तीय सत्र वर्ष 2017 में भी मात्र सात आईएएस अधिकारियों के अलावा किसी ने भी अपनी संपत्ति का ब्यौरा उपलब्ध नहीं करवाया है।
आरटीआई कार्यकर्ता हेमंत सिंह गौनिया ने मुख्यमंत्री कार्यालय से पांच मई 2018 को सूचना के अधिकार के तहत संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक करने आईएएस अधिकारियों की जानकारी मांगी थी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह भी राज्य के अधिकारियों को संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक करने के लिए कह चुके हैं लेकिन स्वयं मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह भी अपनी संपत्ति का ब्यौरा उपलब्ध न करा सके जबकि आईएएस अधिकारियों को संपत्ति का ब्यौरा हर साल जनवरी के अंत तक घोषित करना होता है। यह विवरण संबंधित अधिकारियों द्वारा sparrow वेबसाइट मेें अपने dsc अथवा esign के माध्यम से जनवरी के अंत तक अपलोड करना होता है लेकिन सात अधिकारियों के अलावा किसी ने भी अपना ब्यौरा अपलोड करने के बजाए सीधे कार्मिक विभाग को उपलब्ध कराया है। यह ब्यौरा वेबसाइट www.ipr.ias.nic.in पर भी उपलब्ध है।
इन सात अधिकारियों ने बताई अपनी संपत्ति
आईएएस डीएम आशीष जोशी, अपर सचिव डॉ. रणवीर सिंह, पूर्व मुख्य सचिव एस रामास्वामी, डीएम सुशील कुमार, गढ़वाल मंडल विकास निगम की प्रबंध निदेशक ज्योति नीरज खैरवाल, आईएएस सोनिका।