हल्द्वानी। डेयरी विकास विभाग राज्य में दूध उत्पादन बढ़ा कर किसानों को स्वरोजगार से जोड़ने की योजना में काम कर रहा है। विभाग की ओर से 410 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर नेशनल को-ऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनसीडीसी) को भेजा जा चुका है। इस प्रस्ताव के तहत एक किसान को पांच से 10 गाय दी जाएंगी। एक गाय में 80 प्रतिशत बैंक लोन और 20 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी।
शनिवार को यूसीडीएफ कार्यालय में कुमाऊं मंडल के दुग्ध विकास विभाग की समीक्षा बैठक में सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि इस योजना में नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधमसिंह नगर दुग्ध संघों के दूध प्लांट का आधुनिकीकरण किया जाएगा। साथ ही इस राशि में 25 करोड़ की राशि दुग्ध संघों को वर्किंग कैपिटल के लिए दी जाएगी। समीक्षा बैठक में डीपीएमसीयू देने, ब्रांडिंग करने, वातानुकूलित दुग्ध केन उपलब्ध कराने, पहाड़ों में ढुलान रेट बढ़ाने आदि की मांग उठी। बैठक में एमडी यूसीडीएफ संजय खेतवाल, संयुक्त निदेशक दुग्ध विकास जयदीप अरोरा, उपनिदेशक संजय उपाध्याय, पीसी शर्मा, एचएस कुटौला, अजय क्वीरा सहित सभी दुग्ध संघ के प्रबंधक और सभी जिलों के सहायक निदेशक मौजूद रहे।
अधिक खर्च वाली समितियां बंद करें दुग्ध संघ
हल्द्वानी। उन्होंने पहाड़ों में ऐसी दुग्ध समितियों को बंद करने के निर्देश दिए, जो दूध उपार्जन से अधिक खर्च कर रही हैं और जहां दूध बढ़ने के कोई आसार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी और दुग्ध संघ ऐसे रूट का निर्धारण करें जहां दूध का उपार्जन अधिक हो रहा हो। महिला दुग्ध समितियों के काम को देखते हुए दुग्ध संघों से और अधिक महिला समिति खोलने और सामान्य समितियों को महिला समिति में बदलने के निर्देश दिए।
कोटद्वार में लगेगा पशुआहार बनाने वाला प्लांट
हल्द्वानी। यूसीडीएफ के अधिकारियों ने रुद्रपुर की पशुआहार निर्माण शाला का आधुनिकीकरण करने की जरूरत बताई। गढ़वाल मंडल में पशुआहार निर्माणशाला नहीं होने की बात भी सामने आई। इस पर सचिव ने कोटद्वार में पशु आहार निर्माणशाला खोलने की बात कही। इसका प्रस्ताव भी बनाकर भेजने को कहा।