हल्द्वानी। नगर निगम के वार्डों के आरक्षण में प्रशासन की चूक मेयर के गले पड़ गई हैं। सूची के निरस्त होते ही मेयर पर आरोप लगने लगे हैं। अब मेयर को भी जगह-जगह सफाई देनी पड़ रही हैै। नए आरक्षण से कई कांग्रेसी दावेदारों के समीकरण भी गड़बड़ा गए हैं।
जिला प्रशासन ने शुक्रवार रात नगर निगम के वार्ड आरक्षण की सूची जारी की थी। सूची जारी होने के दो घंटे बाद जिलाधिकारी ने इसे निरस्त कर दिया। शनिवार को नई सूची जारी की गई। जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन ने स्वीकार किया कि आरोही व अवरोही क्रम तय करने से गलती हो गई। प्रशासन की यह गलती मेयर जोगेंद्र रौतेला पर भारी पड़ी है। नई आरक्षण सूची जारी होते ही मेयर जोगेंद्र रौतेला को फोन घनघनाने लगे। उन पर भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए सूची बदलवाने का आरोप लग रहा है। अब मेयर जोगेंद्र रौतेला का कहना था कि उनको बदनाम करने की यह साजिश है।
नई सूची से कांग्रेसी नेताओं के समीकरण भी गड़बड़ा रहा है। कांग्रेसी पार्षद महेंद्र नागर, मो. गुफरान, सुमित सहित कई कांग्रेसी नेताओं ने मेयर पर आरोपों की झड़ी लगा दी। उदाहरण दिया गया कि हीरानगर में भाजपा को जिताने के लिए महिला आरक्षण खत्म कर सीट सामान्य कर दी गई। रानीबाग काठगोदाम सहित कई सीटों को महिला आरक्षण में बदल दिया गया।
वार्ड आरक्षण की नई सूची जारी होने से भड़के कई कांग्रेसी पार्षद
डीएम ने माना चूक हुई, मेयर पर लगाया सूची बदलवाने का आरोप