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एनसीइआरटी: चौतरफा दबाव के आगे बेबस हुए पब्लिक स्कूल

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हल्द्वानी। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान परिषद की किताबों के विरोध में स्कूलों के बंद होने के मामले में बुधवार को अधिकतर अभिभावकों को राहत मिलेगी। अधिकतर स्कूल बुधवार से नियमित रूप से कक्षाएं लगाने का फैसला कर चुके हैं। सेंट थेरेसा, निर्मला सहित कई स्कूलों ने अभिभावकों को इस आशय का एसएमएस भी भेजा है।
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एनसीइआरटी पुस्तकें लागू करने के विरोध में पब्लिक स्कूलों की बंदी मामले में हाइकोर्ट की सख्ती और अभिभावकों समेत चौतरफा दबाव के बाद अधिकांश निजी स्कूल संचालकों ने बुधवार से स्कूल खोलने के एसएमएस भेज दिए हैं। कई पब्लिक स्कूलों ने सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा होने के बावजूद बुधवार को मजबूरी में केवल तीन घंटे के लिए स्कूल खोले हैं। केवल वही पब्लिक स्कूल बुधवार को नहीं खुल रहे जिन्होंने पहले से ही पांच या छह अप्रैल से नये सत्र में स्कूल खोलने की सूचना अभिभावकों को दी हुई है।
इधर, प्रदेश सरकार, उच्च न्यायालय और अभिभावकों के चौतरफा दबाव के चलते हल्द्वानी पब्लिक स्कूल एसोसिएशन दस्ती नोटिस का जवाब देने की तैयारी में जुटे रहे। सूत्रों की मानें तो कई पब्लिक स्कूल संचालकों ने तो शिक्षा विभाग के अधिकारियों को फोन कर यहां तक कहा कि स्कूल बंदी के फैसले में उनकी कोई सहमति नहीं थी। प्रशासन ने भी ऐसे पब्लिक स्कूल संचालकों की सूची तैयार शासन - प्रशासन को भेजी है जिन्होंने सरकार के एनसीइआरटी पुस्तकें लागू करने के विरोध में स्कूल बंद किए थे। इसके अलावा जिन पब्लिक स्कूलों ने कोर्स में एनसीइआरटी पुस्तकों के साथ निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकें लगा दी थी, उन्होंने भी पुस्तक विक्रेताओं से कह दिया है कि जो भी अभिभावक कोर्स लेने आएं, उन्हें मेसेज दें कि किताबें वापस भी हो सकती हैं।
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स्कूलों की ओर से भेजे जा रहे हैं एसएमएस,पीएसए भी दस्ती नोटिस का जवाब देने की तैयारी में
कुछ स्कूूल निजी प्रकाशकों की किताबों को वापस करने को भी सहमत

हल्द्वानी। निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ अभिभावक संघर्ष समिति ने मंगलवार से बुद्ध पार्क में अनिश्चितकालीन धरना - प्रदर्शन शुरू कर दिया है। समिति के संयोजक पं. मदन मोहन जोशी ने कहा कि केवल कमीशनखोरी के चलते ही स्कूल प्रबंधन एनसीइआरटी पुस्तकों का विरोध कर रहे हैं। धरने में जिला पंचायत सदस्य शांति भट्ट, भाजपा पश्चिमी मंडल मंत्री राजेंद्र सिंह बिष्ट, नवीन सांगुड़ी, हेम चंद्र कश्मीरा, विरेंद्र सिंह जग्गी, राहुल जोशी, कृष्णा जोशी, मदन मोहन लोहनी, लीला कांडपाल, संदीप कुकसाल, राजेश भारद्वाज, हरीश सिंह महरा आदि मौजूद रहे। आल उत्तराखंड पैरेंटस एसोसिएशन के अध्यक्ष गुरुवचन सिंह प्रिंस और महासचिव जितेंद्र सिंह सनी ने भी समर्थन दिया।
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