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बिल देने के बावजूद नहीं मिल रहा पानी

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हल्द्वानी। शहर के कई इलाकों में पेयजल संकट गहरा गया है। गौला की लाइनों और नलकूपों से भी लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। लोग सार्वजनिक स्टैंड पोस्ट और दूसरी कालोनियों से पानी ढोने को मजबूर हैं।
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दमुवाढूंगा की कई कालोनियों में भी यही हाल है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि वह हर बार बिलों की अदायगी तो करते हैं लेकिन कई महीनों से उनके कनेक्शनों में पानी की बूंद नहीं आ रही है। जलसंस्थान के अधिकारियों से कई बार शिकायत करने के पर भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।

दमुवाढूंगा की कई कालोनियों में दिभर पानी को भटक रहे लोग
सार्वजनिक स्टैंड पोस्ट, दूसरी कालोनियों से पानी ढोने को मजबूर

पानी के लिए दिनभर इधर-उधर भटकते रहते हैं। बड़ी मुश्किल से एक दो बाल्टी पानी मिल पाता है। जलसंस्थान के अधिकारियों से कई बार शिकायत करने पर भी पेयजल उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
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- सोमवती, दमुवाढूंगा।

पेयजल लाइनों के बाहर घंटों पहरेदारी कर रहे हैं। कभी कभार आठवें-दसवें दिन आधा एक घंटा पानी आता है। वह भी सभी कनेक्शनों में नहीं आता है। दूसरे लोगों के कनेक्शन से पानी भर कर व्यवस्था कर रहे हैं।
- लच्छू देवी, दमुवाढूंगा

पिछले सात साल से पेयजल कनेक्शन में पानी नहीं आ रहा है। विभाग हर बार बिल भेज रहा है और आज तक सभी बिलों का भुगतान किया गया है। विभागीय टैंकरों से भी पानी नहीं मिल रहा है।
- पुष्पा देवी, दमुवाढूंगा।

पनचक्की चौराहा स्थित सार्वजनिक स्टैंड पोस्ट में दिनभर लाइन लगाने के बाद एक दो बाल्टी पानी मिल पाता है। कपड़े धोने, नहाने को पानी नहीं मिल रहा है। निजी टैंकरों से पानी खरीद रहे हैं।
दीप्ति, दमुवाढूंगा।

जलसंस्थान के कर्मचारियों, अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पानी नहीं मिलने से बड़ी दिक्कतें हो रही हैं।
- लक्ष्मी देवी।

घर में छोटे बच्चे हैं। दिनभर काम पर बाहर रहता हूं। घर में अकेली पत्नी हैं। बच्चे को साथ लेकर सार्वजनिक स्टैंड पोस्ट पर पानी के लिए दिनभर लाइन लगाने को मजबूर रहती है।
- शंकर, कुमाऊं कालोनी।


दमुवाढूंगा में लाइनों का व्यास छोटा है। लाइनें सही से नहीं बिछी हैं, जिस कारण अलग-अलग कालोनियों में दिक्कत है। क्षेत्र की समस्या के समाधान के लिए नई लाइन बनाई जानी है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
- संतोष कुमार उपाध्याय, अधिशासी अभियंता।

जलसंस्थान ने पेयजल कनेक्शनों पर लगाई रोक
हल्द्वानी। बढ़ती गर्मी के साथ ही पेयजल संकट को देखते हुए जलसंस्थान ने सोमवार से नए पेयजल कनेक्शनों पर रोक लगा दी है। हालांकि सीवर और अवैध कनेक्शनों के नियमितीकरण का कार्य जारी रहेगा। अधिशासी अभियंता संतोष कुमार उपाध्याय ने बताया कि सभी सहायक अभियंताओं और अवर अभियंताओं को नए पेयजल कनेक्शनों पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अब नए कनेक्शन 15 जून के बाद ही दिए जाएंगे। इस बीच नया पेयजल कनेक्शन देते कोई कर्मचारी, अधिकारी पकड़ में आएगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गौला का जलस्तर 63 क्यूसेक पहुंचा
हल्द्वानी। शहर और आसपास के इलाकों में पेयजल के लिए हाहाकार मचा है। जलसंस्थान पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं करा पा रहा है। लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। गौला नदी के साथ ही नलकूपों का जलस्तर लगातार गिरता जा रहा है। गौला का जलस्तर पिछले दस दिन में आठ क्यूसेक गिर गया है। गिरते जलस्तर से गौला नदी के प्रेशर में भी कमी आने से लाइनों में सप्लाई प्रभावित है। क्षेत्रवासी हर रोज जलसंस्थान दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
जलसंस्थान ने पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। विभाग ने दावा किया था कि गर्मियों में 10 किमी लाइनों की मरम्मत की जाएगी। 15 प्राइवेट टैंकर किराए पर लिए जाएंगे। छह विभागीय टैंकरों से भी लगातार पेयजल वितरित किया जाएगा। लेकिन अभी तक पेयजल लाइनों की मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ और न ही निजी टैंकर किराए पर लिए गए हैं। क्षेत्रवासियों ने जल्द से जल्द पेयजल संकट से निजात दिलाने की मांग की है।
छह साल में दो अप्रैल को गौला का जलस्तर
2013- 160 क्यूसेक
2014- 145 क्यूसेक
2015- 1268 क्यूसेक
2016- 100 क्यूसेक
2017- 80 क्यूसेक
2018- 63 क्यूसेक

नलकूपों और गौला के जलस्तर में आई गिरावट से शहर में पेयजल किल्लत बढ़ गई है लेकिन किल्लत को दूर करने लिए प्रभावित इलाकों में लगातार टैंकरों से आपूर्ति कराई जा रही है। तीन निजी टैंकरों को किराए पर लेने के लिए टेंडर हो गए हैं। अन्य के टैंकर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पेयजल किल्लत दूर करने के लिए हरसंभव कोशिश की जाएगी।
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- संतोष कुमार उपाध्याय, अधिशासी अभियंता।
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