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एससी एसटी कानून के बदलाव के विरोध में सड़क पर उतरे लोग

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हल्द्वानी का एसएस, एसटी वर्ग - फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। एससी-एसटी कानून में बदलाव के विरोध में अनुसूचित जाति जनजाति के सैकड़ों लोग सड़क पर उतर गए। गुस्साए लोगों ने रैली निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में कानून बहाल करने की मांग को लेकर नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।
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अनुसूचित जाति जनजाति संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले काफी संख्या में लोग काली पट्टी बांधकर गौतम बुद्ध पार्क में पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि एससी एसटी कानून में बदलाव से दलितों का उत्पीड़न बढ़ जाएगा। पूर्व से ही थाने स्तर से प्रशासन स्तर तक पीड़ित की सुनवाई नहीं होती है। रिपोर्ट दर्ज नहीं होती और दबाव डाल कर जबरन समझौता कराया जाता है। अब कानून में बदलाव होने से उत्पीड़न बढ़ जाएगा। उन्होंने एक सुर में पुराने कानून को बहाल करने की मांग की। बाद में सैकड़ों लोग जुलूस की शक्ल में एसडीएम कोर्ट पहुंचे। यहां उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चेतावनी दी कि यदि कानून बहाल नहीं किया तो देशव्यापी प्रदर्शन जारी रहेंगे। इस बाबत उन्होंने नगर मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय को ज्ञापन भी सौंपा। प्रदर्शन करने वालों में हरीश चंद्र आर्य, राजन राम, जीआर टम्टा, बीएल आर्य, जगदीश चंद्र, सूरज प्रकाश, मुकेश, रोहित, गंगा प्रसाद, सुंदर लाल, गोविंद प्रसाद आदि शामिल थे।

अनुसूचित जाति जनजाति के लोगों ने धरना देकर निकाली रैली
कानून की बहाली को लेकर नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन

ये भी उठाई मांगें
- निजी क्षेत्र में आरक्षण लागू किया जाए
- उपनल से होने वाली भर्तियों में भी लागू हो आरक्षण
- नगर निगम, सेना में भी आरक्षण के तहत मिले नौकरी
- उच्च न्यायालय, सर्वोच्च न्यायालय में भी हो आरक्षण
- धर्मांतरण कानून का दुरुपयोग हो सकता है यह धार्मिक स्वतंत्रता का विरोधी है इस पर भी गौर हो

कांग्रेसियों ने भी सौंपा ज्ञापन
एससी-एसटी कानून के बदलाव के विरोध में कांग्रेसियों ने नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंप कर बहाल की मांग की। इस मौके पर केंद्र सरकार पर दलित के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। इस दौरान हृदयेश, हेमंत साहू, भुवन, पंकज, अखिलेश, हेमचंद्र, विजय, दिनेश चंद्र, प्रेम राम, राकेश आदि मौजूद थे।
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एसटीएच में भी हुआ प्रदर्शन
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कालेज में अनुसूचित जाति जनजाति के कर्मचारियों ने भी विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कानून को बहाल करने की मांग को लेकर नारेबाजी भी की। इससे कार्य बाधित रहा।

सुप्रीम कोर्ट में दायर की जाएगी पुनर्विचार याचिका
हल्द्वानी। पूर्व विधायक नारायण पाल ने कहा कि एससी एसटी कानून के फैसले पर पुनर्विचार के लिए सुप्रीम कोर्ट में छह अप्रैल को याचिका दायर की जाएगी। उन्होंने संविधान को कमजोर करने की साजिश है जिसका विरोध किया जाएगा।

बेअसर रहा भारत बंद
हल्द्वानी। भारत बंद का आह्वान शहर में पूरी तरह बेअसर रहा है। मुख्य बाजार, मंगल पड़ाव, मीरा मार्ग, रेल बाजार, कारखाना बाजार आम दिनों की तरह ही खुले रहे। इसी तरह रोडवेज के अलावा केमू बसों का संचालन भी नियमित हुआ।

भीमताल में भी रैली निकाल किया विरोध
भीमताल (नैनीताल)। दलित समाज की ओर से भारत बंद के विरोध में शामिल हुए विभिन्न संगठनों ने अपनी मांगों का ज्ञापन सीडीओ के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। सोमवार को एससी, एसटी समाज के लोगों ने बाजार, डांठ से विकास भवन तक रैली निकाली। इसके बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भेजने वालों में भुवन आर्या, आशा आर्या, जयंती आर्या, नवीन चंद्र, जीवंती आर्या रहे। इधर बेतालघाट में भी तहसील में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देने वालों में प्रमोद कुमार, भुवन चंद्र, चंद्रशेखर, विनोद कुमार, गिरधारी लाल, प्रमोद कुमार, रेखा देवी आदि रहे।
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