हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज में शनिवार को प्राइवेट एवं संस्थागत परीक्षा आवेदन फार्म जमा करने को विद्यार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी। कॉलेज प्रशासन ने परीक्षा फार्म जमा करने के लिए कई काउंटर खोले थे।
स्नातक, परास्नातक स्तर पर कुमाऊं विश्वविद्यालय सेमेस्टर प्रणाली लागू कर चुका है लेकिन अभी बीए, बीकॉम, बीएससी फाइनल कक्षाएं पुरानी व्यवस्था के तहत ही चल रही हैं। प्राइवेट परीक्षाओं का जिम्मा भी कुविवि से उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के पास चला गया है लेकिन स्नातक द्वितीय, तृतीय वर्ष के अलावा पीजी के द्वितीय वर्ष की प्राइवेट परीक्षाएं कुविवि ही कराएगा। संस्थागत, व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के परीक्षा आवेदन फार्म भरने की शनिवार को अंतिम तिथि थी, इसलिए विद्यार्थियों की साइबर कैफे में भी भीड़ रही। परीक्षा फार्म की एक कॉपी एमबी कॉलेज में भी जमा करने की अनिवार्यता के चलते विद्यार्थियों की परीक्षा फार्म जमा करने के लिए कॉलेज में भी दोपहर दो बजे बाद तक काउंटरों पर भीड़ लगी रही। कॉलेज में परीक्षा फार्म जमा करने की अंतिम तिथि 28 फरवरी है।
पारिश्रमिक नहीं तो परीक्षा फार्म की फीडिंग नहीं
हल्द्वानी। कुमाऊं विश्वविद्यालय द्वारा प्राइवेट और संस्थागत छात्रों के परीक्षा फार्म जमा करने के एवज में कोई शुल्क न दिए जाने से एमबीपीजी कॉलेज के कर्मचारियों में आक्रोश है। कर्मचारी नेता सुरेंद्र सिंह रौतेला बबली ने बताया कि पिछले वर्ष तक विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा फार्म जमा करने पर कर्मचारियों को स्नातक स्तर पर 15 रुपये प्रति छात्र, परास्नातक स्तर पर 25 रुपये बतौर पारिश्रमिक दिया जाता था, लेकिन इस बार विश्वविद्यालय ने ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरे जाने की बात कह कर पारिश्रमिक देने से मना कर दिया है। कर्मचारी नेता रौतेला का कहना है कि जब विवि ने परीक्षा फार्म की एक प्रति कॉलेज में जमा करवा रहा है तो पारिश्रमिक देने में क्यों आनाकानी की जा रही है। परीक्षा फार्म की फीडिंग कॉलेज का कोई कर्मचारी नहीं करेगा।