प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का लक्ष्य तेजी से हासिल करने पर प्रथम चरण में अल्मोड़ा जिले का प्रधानमंत्री पुरस्कार के लिए चयन हो जाने के बाद मुख्य विकास अधिकारी मयूर दीक्षित 12 फरवरी को दिल्ली में प्रस्तुतीकरण देकर लौट आए हैं। प्रथम चरण में देश के सभी राज्यों से सिर्फ 16 जिलों का चयन किया गया है। इनमें अल्मोड़ा भी शामिल है। इसमें से कुछ जिलों को प्रधानमंत्री पुरस्कार के लिए चुना जाएगा। जिसमें अल्मोड़ा की प्रबल दावेदारी मानी जा रही है।
मालूम हो कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत अल्मोड़ा जिले में साल भर में 56 आवासों का निर्माण होना है, लेकिन मुख्य विकास अधिकारी ने इस योजना पर सटीक तरीके से काम करके छह माह में ही 43 आवास तैयार कर लिए हैं। लक्ष्य तेजी से प्राप्त करने पर प्रथम चरण में जिले का पूरे राज्य में प्रधानमंत्री पुरस्कार के लिए चयन किया गया है। द्वितीय चरण में 12 फरवरी को सीडीओ दीक्षित ने दिल्ली में स्थित सिविल सर्विसेज ऑफिसर इंस्टीट्यूट में समिति के सामने पावर प्वाइंट से प्रस्तुतीकरण दिया। सीडीओ ने बताया कि प्रधानमंत्री पुरस्कार के लिए देश के सभी राज्यों से 500 से अधिक जिलों ने ऑन लाइन आवेदन किया था। इसमें से प्रथम चरण में सिर्फ 16 जिलों का चयन हुआ है। जिसमें अल्मोड़ा भी शामिल है।
प्रस्तुतीकरण के बाद 16 जिलों में से कुछ चुनिंदा जिलों को प्रधानमंत्री पुरस्कार के लिए चयनित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के ग्राम्य विकास मंत्रालय में तैनात अपर सचिव और संयुक्त सचिव की मौजूदगी में यह प्रस्तुतीकरण दिया गया। सीडीओ ने यह बात बताई कि उन्होंने इतनी तेजी से काम किस तरह पूरा किया। साथ ही तैयार किए गए घरों में दीन दयाल विद्युतीकरण योजना के तहत बिजली के कनेक्शन दिए गए हैं। उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस सिलिंडर उपलब्ध कराने के साथ ही इन गरीब परिवारों को आजीविका से जोड़ने के लिए मुर्गी पालन आदि योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा है।