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हल्दूचौड़ कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव में भी हुआ फर्जीवाड़ा!

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हल्दूचौड़ (नैनीताल)। लाल बहादुर शास्त्री राजकीय महाविद्यालय में पहली बार हुए छात्रसंघ चुनाव में फर्जीवाड़ा सामने आया है। इसका खुलासा आरटीआई से मिली सूचना से हुआ है। छात्रसंघ चुनाव में हुए इस फर्जीवाड़े से कॉलेज प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है।
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छात्रसंघ चुनाव में सचिव पद पर पीयूष जोशी और हेमंत पांडे प्रत्याशी थे। हेमंत को 329 और पीयूष को 287 वोट मिले थे। पीयूष ने चुनाव बाद आरटीआई में हेमंत के प्रवेश और चुनाव से संबंधित कई बिंदुओं पर कॉलेज प्रशासन से सूचना मांगी थी। इस पर खुलासा हुआ कि हेमंत पांडे ने 2016 में एमबीपीजी कॉलेज से बीए प्रथम वर्ष व्यक्तिगत छात्र के रूप में उत्तीर्ण किया था। हेमंत के पास स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) और चरित्र प्रमाण पत्र न होने के बावजूद एलबीएस कॉलेज ने एक हफ्ते में दस्तावेज जमा करने की शर्त पर 2016 में बीए दूसरे वर्ष में अस्थायी प्रवेश दिया। शर्तों के अनुसार दस्तावेज जमा न होने पर हेमंत का प्रवेश स्वत: निरस्त होना था। आरटीआई में खुलासा हुआ है कि उसने अब तक भी उक्त दस्तावेज जमा नहीं करवाए हैं।
छात्रसंघ चुनाव समिति के प्रावधानों के अनुसार अस्थायी प्रवेश होने की दशा में छात्र चुनाव लड़ने के योग्य नहीं होगा। ऐसे में 2017 में हेमंत ने बीए तृतीय वर्ष का छात्र होने के नाते चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। सवाल उठने लगा है कि अवैध प्रवेश के बावजूद हेमंत का सचिव पद के लिए नामांकन निरस्त क्यों नहीं किया गया।
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उपस्थिति पंजीकरण में नाम ही नहीं

लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुसार छात्र संघ चुनाव के प्रत्याशी की पिछली कक्षा में 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है, लेकिन आरटीआई में खुलासा हुआ है कि बीए दूसरे वर्ष के विषय हिंदी साहित्य और शिक्षाशास्त्र की कक्षाओं की उपस्थिति पंजिका में हेमंत पांडे का नाम ही नहीं है। इसके अलावा समाजशास्त्र विषय का प्रोफेसर न होने के कारण उसकी कक्षाएं ही संचालित नहीं हुई हैं।

छात्रसंघ चुनाव के लिए तोडे़ खुद के ही कायदे

पीयूष जोशी ने 2016 में कॉलेज प्रशासन से आरटीआई में चुनाव न कराने का कारण पूछा तो कॉलेज प्रशासन ने सभी कर्मचारियों के समायोजन न होने को चुनाव न कराने का कारण बताया था। आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना में खुलासा हुआ है कि छात्रसंघ चुनाव में उन्हीं असमायोजित कर्मचारियों को बिना किसी शासनिक आदेश के 2017 के चुनाव ड्यूटी पर लगा दिया गया जिनके कारण 2016 में चुनाव नहीं कराया गया। आरटीआई में प्राप्त चुनाव की वीडियो में कुछ असमायोजित कर्मचारी पूरे दिन ड्यूटी स्थान पर नहीं दिखे।

प्राचार्य और छात्रसंघ सचिव नहीं दे पाए सवालों के जवाब

एलबीएस कॉलेज के छात्रसंघ सचिव हेमंत पांडे का कहना है कि उन्होंने छह सितंबर 2016 को टीसी और चरित्र प्रमाण पत्र कॉलेज में जमा करवा दी थी। हालांकि हेमंत यह नहीं बता सके कि उन्होंने दस्तावेज किसके पास जमा करवाए हैं। वहीं, प्राचार्य प्रो. आरसी पुरोहित ने कहा कि इस घटना में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वह इस सवाल का जवाब नहीं दे सके कि हेमंत पांडे का अस्थायी प्रवेश की दशा में चुनाव लड़ने की अनुमति कैसे दी गई।
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