नैनीताल। उच्च न्यायालय ने नैनीताल के मल्लीताल मोहन को चौराहे से नैनीताल क्लब तक सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण हटाने के लिए कोर्ट कमिश्नर की मौजूदगी में एक हफ्ते में सर्वे करने, अगले एक हफ्ते में अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने दोबारा पार्किंग एप बनाने तथा नैनीताल क्लब से सूखा ताल तक शांत क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण करने वाले वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित करने को कहा है।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की खंडपीठ के समक्ष नैनीताल निवासी प्रोफेसर अजय सिंह रावत की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई में प्रशासन ने अदालत के आदेशों के अनुपालन की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस रिपोर्ट में कोर्ट कमिश्नर ने अदालत को बताया कि प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के नाम पर केवल खानापूर्ति की है। अतिक्रमण हटाने के नाम पर जिस होटल की दीवार तोड़ी गई वह दीवार फि र बन गई। खंडपीठ ने नाराजगी जताते हुए कोर्ट कमिश्नर की मौजूदगी में नए सिरे से अतिक्रमण का सर्वे करने तथा उसके एक हफ्ते में अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए।
खंडपीठ के समक्ष प्रशासन ने नैनीताल में पार्किंग समस्या के समाधान के लिए तैयार एप के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत की। पीठ ने संतुष्ट न होने पर दोबारा एप बनाने के निर्देश दिए। शांत क्षेत्र में बुलेट संचालन रोकने के मामले में पाठ ने साफ किया कि निर्धारित मानक से अधिक ध्वनि पैदा करने वाले वाहनों की आवाजाही रोकी जाए। जिलाधिकारी दीपेंद्र चौधरी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जन्मेजय खंडूरी, अपर जिलाधिकारी हरवीर सिंह व पालिका अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा आदि मौजूद थे