हल्द्वानी। संगठन का नया जिला बनाकर भाजपा ने एक अनार को सौ बीमारों में बांटने की आफत मोल ले ली है। हल्द्वानी और नैनीताल को मिलाकर बनाए गए नए संागठिक जिले में अब पदों की संख्या 36 से घटकर करीब 18 हो गई है। पार्टी इस समय सत्ता में है लिहाजा पद पाने की आशा करने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा हो गया है। यही हाल भाजपा के युवा और महिला मोर्चे का भी है।
सरकार से लेकर संगठन तक के स्तर पर अपने लोगों को खपाने की चुनौती का सामना इस समय भाजपा को करना पड़ रहा है। मंत्रिमंडल में दो बर्थ अभी खाली हैं और भाजपा के दिग्गज नेताओं की निगाह इस पर भी है। अंदरखाने इसको लेकर जोड़ तोड़ भी शुरू हो गया है। इसी तरह का जोड़ तोड़ जिला, युवा और महिला मोर्चे में भी पनप रहा है। इसके लेकर चले जा रहे दाव पेच अभी खुलकर सामने नहीं आए हैं लेकिन भाजपा नेताओं को यह स्वीकार करने में गुरेज नहीं है कि मामले में संवेदनशीलता नहीं बरती गई तो विरोध खुलकर सामने आ सकता है।
दरअसल भाजपा के पहले हल्द्वानी और नैनीताल दो संागठनिक जिले थे। इन जिलों को मिलाकर अब एक जिला बना दिया गया है। भाजपा सत्ता में है लिहाजा पार्टी से जुड़ने की चाहत रखने वालों की संख्या बढ़ी है। दूसरी ओर पहले के 36 पद अब घटकर 18 ही रह जाएंगे। पदाधिकारियों के साथ ही यह मामला कार्यकारिणी विस्तार तक भी जाएगा।
ऐसे में भाजपा के लिए हर एक को संतुष्ट करना संभव नहीं हो पा रहा है। इस मुसीबत से निपटने के लिए भाजपा ने पार्टी हाईकमान की मदद भी मांगी है।