हल्द्वानी। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अधिकारी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। शुक्रवार को सितारगंज के गोदाम से खराब चावल नैनीताल जिले में भेज दिया। सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने चावल खराब होने से जब उठाने से मना कर दिया तो आनन-फानन में चावल रोक दिया गया। उसके बाद देर शाम तक गाड़ियां गोदाम में खड़ी रहीं।
शुक्रवार को सितारगंज गोदाम से छह गाड़ियां लगभग 1800 कट्टे चावल लेकर हल्द्वानी के पीडीएस गोदाम पहुंची। जैसे ही यह चावल सस्ता गल्ला विक्रेताओं को बंटना शुरू हुआ तो उन्होंने चावल में बदबू और खराब होने का आरोप लगाते हुए उठाने से मना कर दिया। कई सस्ता गल्ला विक्रेता बिना राशन लिए लौट गए। हंगामा बढ़ता देख गोदाम में मौजूद एमआई प्रशांत आर्या ने एसएमआई कृष्ण कुमार को सूचना दी। सूचना पर एसएमआई कृष्ण कुमार चावल को उठाने पर तुरंत रोक लगा दी। इसके बाद आरएफसी ललित मोहन रयाल ने डिप्टी आरएमओ को जांच के लिए भेजा। उन्होंने चावल के नमूने भरे। देर शाम तक पांच गाड़ियां चावल लदी पीडीएस गोदाम और मंडी हल्द्वानी बाइपास में खड़ी रहीं।
मंडी और कमलुवागांजा में जब था चावल तो क्यों मंगाया
सितारगंज से नैनीताल जिले को चावल मंगाने से सवाल उठने लगे हैं। जब मंडी और कमलुवागांजा गोदाम में चावल था तो सितारगंज गोदाम का चावल यहां क्यों मंगाया गया। क्यों अधिकारी बार-बार गोदाम में यह कहते रहे कि इस चावल को उतार लो अब सितारगंज गोदाम का चावल नहीं मंगाएंगे।
सितारगंज से भेजे चावल में निकले दूसरे प्रदेश के कट्टे
सितारगंज गोदाम से नैनीताल जिले में भेजे गए चावल में पंजाब, उत्तरप्रदेश और भारतीय खाद्य निगम के कट्टे निकले। इसके बाद भी विभाग ने कोई कार्रवाई किए बिना 300 कट्टे चावल नैनीताल जिले को आवंटित कर दिया।
बचाते दिखे अधिकारी
खुद एमआई प्रशांत आर्या ने कहा कि चावल खराब है। इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी है। कई दुकानदारों ने राशन उठाने से मना कर दिया है। इसके बाद भी उच्च अधिकारी कोई कार्रवाई करे बिना सितारगंज के चावल और कट्टों को सही बताते दिखे। इस बारे में पूछने पर डिप्टी आरएमओ धूलिया ने बताया कि चावल मानकों के अनुसार है। कट्टे पंजाब, उत्तरप्रदेश और भारतीय खाद्य निगम के मिले हैं। इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी है।
किसी भी दशा में पीडीएस गोदाम से सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं को खराब चावल नहीं दिया जाएगा। डिप्टी आरएमओं ने जांच की है। जांच में पंजाब और अन्य राज्य के कट्टे मिले हैं। - ललित मोहन रयाल, आरएफसी कुमाऊं