हल्द्वानी। प्रदेश सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री के दबाव में कमलुवागांजा स्टेट पूल गोदाम में लगे चावल के कट्टों के नमूने नहीं लिए जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो मंत्री महोदय खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के एक अधिकारी को इसके लिए फटकार भी लगा चुके हैं। इस गोदाम में बाजपुर की चावल मिलों का 70 प्रतिशत चावल लगा है, जो बहुत खराब है। टीम ने जांच के बाद कमलुवागांजा स्टेट पूल के गोदाम से 15 सैंपल लिए थे। इसमें से 13 नमूने फेल हो गए थे।
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने मंडी और कमलुवागांजा स्टेट पूल गोदाम से चावल के नमूने लिए थे। इसमें से 39 नमूने फेल हो गए। इस गोदाम में ऊधमसिंह नगर जिले की चावल मिलों का चावल लगा है। जिसमें से 70 प्रतिशत चावल बाजपुर की मिलों का है। इस चावल को विभाग के अधिकारी और कर्मचारी ही खराब बता रहे हैं। वह बाकीबचे चट्टों की सैंपलिंग की मांग करते हुए उठान से कई बार मना कर चुके हैं।
सूत्रों की मानें तो बाजपुर की चावल मिलों की ओर से एक वरिष्ठ मंत्री द्वारा विभाग के अधिकारी पर नमूने नहीं लेने का दवाब बनाया जा रहा है। मंत्री की ओर से सैंपल न लेने के लिए अधिकारी पर दबाव बनाया जा रहा है। इस कारण ही अधिकारी इस गोदाम के नमूने नहीं ले रहे हैं। अमर उजाला मेंखबर प्रकाशित होने के बाद कमलुवागांजा गोदाम से सिर्फ 15 नमूने लिए गए थे, जिसमें 13 नमूने फेल हो गए थे। जांच टीम उस दौरान चट्टों में दवा लगने के कारण और अधिक नमूने नहीं ले पाई थी। इतने अधिक नमूने फेल होने के बाद भी टीम ने और सैंपलिंग क्यों नहीं की, इसका जवाब देने को कोई अधिकारी तैयार नहीं है।