एक ओर निजी अस्पतालों ने स्वत: बंदी कर रखी है तो दूसरी ओर 108 एंबुलेंस सेवा एक बार फिर पटरी से उतरने लगी है। इसकी वजह प्रबंधन को संचालन संबंधी एवं जीवीके ईएमआरआई के कर्मियों को जनवरी के वेतन का भुगतान नहीं होना है।
जीवीके ईएमआरआई 108 एंबुलेंस का प्रदेश में संचालन कर रही है। सात मार्च को जीवीके ईएमआरआई का करार पूरा हो रहा है। मार्च से 108 एंबुलेंस सेवा के संचालन कैंप (कम्यूनिटी एक्शन थ्रू मोटिवेशनल प्रोग्राम) को मिला है। सूत्रों के अनुसार अल्मोड़ा, बागेश्वर, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, पिथौरागढ़ में 108 एंबुलेंस का संचालन नहीं हो पा रहा है।
जीवीके ईएमआरआई में 950 कर्मियों को जनवरी का वेतन एवं सेवा संचालन के लिए शासन से प्रति माह मिलने वाले 1.5 से दो करोड़ रुपये का भुगतान नहीं हुआ है। इस संबंध में जीवीके ईएमआरआई के राज्य प्रमुख मनीष टिक्कू का कहना है कि सभी गाड़ियां चल रही हैं। कुछ कर्मचारी अफवाह फैला रहे हैं। गाड़ियों के लिए तेल भी मिल रहा है। कहा कि वेतन भुगतान माह की दस तारीख को होता है। एक सप्ताह की देरी हुई है और इस सप्ताह वेतन बांट दिया जाएगा।
जिला 108 एंबुलेंस की संख्या संचालन की स्थिति
अल्मोड़ा 12 03
बागेश्वर 05 01
ऊधमसिंह नगर 08 02
नैनीताल 13 01
पिथौरागढ़ 09 02
चंपावत 05 05
इनसेट
खुशियों की सवारी के लिए हुई टेक्निकल बिड
प्रदेश की 99 खुशियों की सवारी का संचालन भी अभी जीवीके ईएमआरआई कर रही है। इन वाहनों के लिए तीन दिन पहले टेक्निकल बिड हुई है। टेक्निकल बिड में तीन कंपनियों ने हिस्सा लिया है। अगले सप्ताह तक खुशियों की सवारी की फाइनेंशियल बिड होने की संभावना है।
कंपनी के प्रति सरकार की कोई देनदारी नहीं है। मार्च से नई कंपनी प्रदेश में 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन करेगी। खुशियों की सवारी के लिए टेक्निकल बिड कराई गई है। जल्द ही फाइनेंशियल बिड भी कर दी जाएगी। -डॉ. टीसी पंत, स्वास्थ्य महानिदेशक, उत्तराखंड।