हल्द्वानी। सद्भाव गेट की पर्ची के साथ पकड़े गए डंपर की जांच शुरू हो गई। इस मामले की तह तक जाने के लिए डीएलएम ने शुक्रवार को सद्भाव गेट पर छापा मारा। इस दौरान वन निगम की टीम ने सीसीटीवी की जांच की। साथ ही वाहन के निकलने का समय भी देखा। जांच के लिए डीएलएम ने कंप्यूटर का हार्ड डिस्क जब्त कर ली।
बृहस्पतिवार को तराई पूर्वी वन प्रभाग की एसओजी ने गौला पार से दोपहर 12.15 बजे डंपर (यूके04-सीबी-1399) को पुल पर पकड़ा था। डंपर का रवन्ना सद्भाव गेेट से करीब 11.19 बजे जारी किया गया था। डंपर में 84 क्विंटल उप खनिज लदे होने की पर्ची सद्भाव गेट के कांटे से जारी हुई थी। वन निगम गेट इंचार्ज प्रयाग दत्त पांडे के हस्ताक्षर से वाहन की वजन पर्ची जारी हुई थी। इस पर एसओजी ने उसी कांटे पर वाहन का वजन कराया तो 123 क्विंटल उप खनिज लदा मिला। एसओजी ने डंपर को सीज कर उप खनिज चोरी का मामला दर्ज कर लिया। इधर, सद्भाव गेट से उप खनिज चोरी की जानकारी पर डीएलएम वाईके श्रीवास्तव एवं एलओ जगदीश चंद्र जोशी ने टीम के साथ छापा मारा। गेट पर लगे सीसीटीवी में वाहन जाने की फुटेज चेक की गई। इसमें वाहन 11.19 मिनट पर गेट से निकलता दिख रहा है। डीएलएम ने सद्भाव कंपनी के कर्मचारियों से कंप्यूटर की हार्ड डिस्क कब्जे में ले ली। इसके अलावा डीएलएम ने गेट इंचार्ज से भी पूछताछ की।
डीएलएम ने सद्भाव गेट पर मारा छापा
सीसीटीवी की जांच कर हार्ड डिस्क कब्जे में ली, गेट के पास पकड़ा गया था ओवरलोड डंपर
बिना पंजीकरण के भी ढो रहे उप खनिज
सद्भाव गेट पर जब वन निगम की टीम पहुंची तो वहां पर कई खाली डंपर खड़े थे। टीम को देखते ही कई चालक अपने डंपर लेकर फरार हो गए। आशंका जताई जा रही है कि वन निगम कर्मियों की मिलीभगत से सद्भाव गेट पर कई डंपर बिना पंजीकरण के भी चल रहे हैं। इन डंपरों को मौका मिलते ही गेट से आरबीएम भर कर भेज दिया जा रहा है।
एक ही रायल्टी पर कई बार जा रहे वाहन
सद्भाव गेट से वाहन एक ही रॉयल्टी पर कई बार भरकर निकल रहे हैं। बृहस्पतिवार को पकड़ा गया डंपर 11.19 बजे उप खनिज लेकर निकला था, जो 12.15 बजे गौला पुल के पास पकड़ा गया, जबकि गेट से कंपनी की दूरी अधिक नहीं है। एक घंटे में कंपनी के स्टॉक तक दो बार माल पहुंचाया जा सकता है। वन निगम की रॉयल्टी पर दो घंटे में उपखनिज गंतव्य तक पहुंचाना होता है। इसी का फायदा उठाकर वाहन स्वामी एक ही रॉयल्टी पर एक से अधिक बार आरबीएम ढो रहे हैं।
जांच के लिए कंप्यूटर का हार्ड डिस्क कब्जे में ली गई है। एलओ को मामले की जांच सौंप दी गई है। - वाईके श्रीवास्तव, डीएलएम, लालकुआं