हल्द्वानी। कुमाऊं के उच्च पर्वतीय इलाकों में सेब उत्पादन को बढ़ावा देने और आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण लेने के लिए किसानों का दल 16 सितंबर को हिमाचल के डॉ. वाईएस परमार विश्वविद्यालय सोलन भेजा जा रहा है। इसमें कृषि उत्पादन मंडी समिति ने पिथौरागढ़ जिले के 37 किसानों का चयन किया है।
कुमाऊं के रामगढ़ समेत कई पर्वतीय इलाकों में सेब का उत्पादन होता है, लेकिन सेब की उत्तम क्वालिटी नहीं होने से किसानों वाजिब मूल्य नहीं मिल रहा है। मंडी सचिव विश्व विजय सिंह देव ने बताया कि सेब उत्पादन की आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण लेने के लिए पिथौरागढ़ के पंजीकृत किसानों से आवेदन मांगे गए थे, जिसमें 37 किसानों का चयन किया गया। इन किसानों का दल 16 सितंबर को हिमाचल के लिए रवाना होगा। वहां डॉ. वाईएस परमार विश्वविद्यालय सोलन में किसानों को कृषि वैज्ञानिक सेब का बेहतर उत्पादन करने का प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण प्राप्त कर दल 20 सितंबर को वापस हल्द्वानी पहुंचेगा। मंडी सचिव ने बताया कि किसानों को प्रशिक्षण देने के लिए सोलन विश्वविद्यालय को प्रति किसान तीन हजार रुपये भुगतान किया जा रहा है। इससे पहले भी नैनीताल जिले के 15-15 काश्तकारों के दो दल प्रशिक्षण लेकर आ चुके हैं।