हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल के अधिकांश मामले शासन में लंबित पड़े हैं। आई बैंक का मामला भी शासन में लटका हुआ है। हालांकि आई बैंक को न्यूरो सर्जरी ओटी में बनाने के लिए जगह का चयन कर लिया गया है। 22 लाख की मशीन की खरीद के अलावा आठ लाख रुपये अन्य मदों में खर्च होने हैं।
एसटीएच में आई बैंक बनाने का प्रस्ताव काफी लंबे समय से लंबित पड़ा है। एनएचएम के तहत आई बैंक के लिए 25 लाख रुपये स्वीकृत हो गए हैं। न्यूरो सर्जरी की ओटी में आई बैंक बनाने की योजना है। आई बैंक के लिए स्पैकुलर माइक्रोस्कोप मशीन खरीदने का टेंडर भी हो चुका है। टेंडर को शासन से हरी झंडी मिलने का इंतजार है और मशीन लगभग 22 लाख रुपये की आएगी। इसके अलावा अन्य उपकरण समेत दूसरे मदों में आठ से नौ लाख रुपये खर्च होगा। आई बैंक की प्रक्रिया शुरू होने के बाद एसटीएच में नेत्र रोग विभाग की फैकल्टी को प्रशिक्षण दिल्ली एम्स भेजा जाएगा। नेत्र रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. जीएस तितियाल ने बताया कि आई बैंक बनने के बाद आंखों को हम सुरक्षित रख सकेंगे। कहा कि मृतक व्यक्ति का कार्निया छह घंटे के भीतर ले लेना चाहिए और जितनी जल्दी हो दूसरे व्यक्ति में लगा देना चाहिए, इससे परिणाम अच्छे आने की संभावना रहती है। कार्निया को सुरक्षित रखने के लिए सल्यूशन आते हैं। समयावधि ज्यादा बढ़ने पर कार्निया के खराब होने की संभावना होती है। प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने बताया कि आई बैंक बनने में पांच से छह माह का समय लगेगा।
एसटीएच में आई बैंक के लिए जगह चिह्नित, न्यूरो सर्जरी ओटी में आई बैंक बनाने की तैयारी
आई बैंक के लिए 22 लाख रुपये का उपकरण स्पैकुलर माइक्रोस्कोप खरीदा जाना है