हल्द्वानी। बनभूलपुरा लाइन नंबर 14 में बुधवार की शाम भांजे ने चाकू से गोदकर मामा की जान ले ली। मामा का कसूर इतना था कि उसने शराब पीकर आए भांजे को उसके दोस्त के सामने डांट दिया था। यह बात भांजे को नागवार लगी और हमलावर हो गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसके साथी की तलाश की जा रही है।
मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) जिले के जानसट भोपा निवासी शफीक (70) यहां लाइन नंबर 14 बनभूलपुरा निवासी व्यवसायी शरीफ के मकान में किराए का कमरा लेकर तीन साल से रह रहे थे। वह फेरी लगाकर कंबल और गर्म कपड़े बेचने का काम करते थे। सोलह दिन पहले उनका बेटा वसीम भी आया था। वसीम ने बताया कि बुधवार की शाम करीब छह बजे पिता अपने कमरे में बैठे थे। इस बीच उनका भांजा मनशाद अपने दोस्त पप्पू के साथ शराब पीकर आया। पिता ने नशे में धुत भांजे को देखकर उसके दोस्त पप्पू के सामने खरी खोटी सुना दी। कहा कि आइंदा शराब पीकर उनके कमरे में मत आना। यही बात भांजे को बुरी लग गई। कुछ देर बाद वह चाकू लेकर आया और बुजुर्ग शफीक को पटककर सीने और पेट पर चाकू से कई कर दिए। उनके लहूलुहान होने पर दोनों भाग गए। कुछ देर बाद वसीम कमरे में आया तो पिता को घायल देख होश उड़ गए। उसके शोर मचाने पर पड़ोसी पहुंच गए। वे उन्हें बेस अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शफीक के चार बेटे हैं। तीन गांव में रहते हैं। क्षेत्राधिकारी दिनेश चंद्र ढौडियाल, कोतवाल केआर पांडे और थानाध्यक्ष दिनेश नाथ महंत मौके पर पहुंचे। वसीम ने कुछ देर पहले मनशाद के आने की बात बताई और उसी पर हत्या का आरोप लगाया। इसके बाद पुलिस ने लाइन नंबर आठ से आरोपी भांजे मनशाद पुत्र रफीक को पकड़ लिया।
ससुराल में रहता है मनशाद
पुलिस के हत्थे चढ़ा मनशाद मुजफ्फरनगर का रहने वाला है। उसने लाइन नंबर 14 से ही शादी की है। वह अपने ससुराल में रहकर कपड़ों की फेरी लगाता है। पड़ोसियों का कहना है कि फेरी लगाने के बाद शाम के समय वह शराब पी लेता है। फरार पप्पू भी मुजफ्फरनगर का रहने वाला है।
मनशाद के हाथ में भी लगी है चोट
पुलिस का कहना है कि मनशाद ने चाकू से वार किया तो मामा ने जान बचाने के लिए संघर्ष किया होगा। इस कारण चाकू का वार मनशाद के दाहिने हाथ पर भी लग गया।
दस दिन से मामा को कर रहा था परेशान
शफीक के बेटे वसीम ने बताया कि मनशाद दस दिन से उसके पिता को परेशान कर रहा था। पिता उसे शराब पीने के लिए मना करते थे लेकिन चिढ़ाने के लिए वह बार-बार सामने आ जाता था।
दस हजार बकाएदारी को हुआ था झगड़ा
पकड़े जाने पर मनशाद ने पुलिस को बताया कि मामा पर उसका दस हजार रुपये बकाया था। वह रुपये मांगने पहुंचा था लेकिन वहां झगड़ा हो गया। हालांकि शफीक के बेटे ने कहा कि वह सरासर झूठ बोल रहा है।
पुलिस की जांच से पता चला है कि मनशाद अकेला था। उसका कोई अन्य साथी नहीं था। घटना के समय मनशाद ने अपने मामा के कमरे से चाकू उठाया था। बाहर से चाकू लेकर नहीं आया था।
दिनेश चंद्र ढौडियाल, सीओ